शेयर बाज़ार अपडेट :

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 6 फरवरी को लगातार दूसरे दिन मंदी का माहौल देखने को मिल रहा है। वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने घरेलू सूचकांकों पर भारी दबाव बनाया है।
मुख्य सूचकांकों की स्थिति:
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सेंसेक्स: शुरुआती कारोबार में 200 अंकों की गिरावट के साथ 83,100 के स्तर पर संघर्ष कर रहा है।
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निफ्टी: 100 अंकों की कमजोरी दर्ज करते हुए 25,500 के मनोवैज्ञानिक स्तर पर टिका हुआ है।
बाजार में चौतरफा बिकवाली का माहौल है। जहाँ कल (5 फरवरी) सेंसेक्स 503 अंक गिरकर 83,313 पर बंद हुआ था, वहीं आज भी यह गिरावट थमने का नाम नहीं ले रही है। सेंसेक्स के 30 प्रमुख शेयरों में से 18 लाल निशान में हैं, जबकि निफ्टी-50 के 36 शेयरों में गिरावट दर्ज की जा रही है, जो बाजार की कमजोर चौड़ाई (Market Breadth) को दर्शाता है।
आज के कारोबारी सत्र में सबसे ज्यादा मार IT सेक्टर पर पड़ी है। अमेरिका के नैस्डैक (Nasdaq) में आई 1.59% की गिरावट का सीधा असर भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर दिख रहा है।
सेक्टरवार प्रदर्शन की रूपरेखा:
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भारी गिरावट वाले सेक्टर: IT के साथ-साथ ऑटो, FMCG, फार्मा, मीडिया, प्राइवेट बैंक और मेटल सेक्टर के शेयरों में भी निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं।
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कल का प्रदर्शन: गुरुवार को मेटल सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहा था, लेकिन आज दबाव अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भी फैल गया है। रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर भी पिछले सत्र की गिरावट से अब तक उबर नहीं पाए हैं।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख है। जहाँ जापान का निक्केई 0.47% की बढ़त पर है, वहीं दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.87% और हॉन्गकॉन्ग का हेंगसेंग 1.18% टूट चुका है। अमेरिकी बाजारों (डाउ जोंस -1.20%, S&P 500 -1.23%) की कल की भारी गिरावट ने आज भारतीय निवेशकों के उत्साह पर पानी फेर दिया है।
शेयर बाजार में मौजूदा गिरावट के पीछे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FIIs) की निरंतर निकासी एक बड़ा कारण बनी हुई है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार:
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हालिया बिकवाली: 5 फरवरी को विदेशी निवेशकों ने ₹1,692 करोड़ के शेयर बेचकर बाजार से हाथ खींचे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹924 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को सहारा देने की कोशिश की।
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दिसंबर का ऐतिहासिक डेटा: दिसंबर 2025 में भी यही रुझान देखा गया था, जहाँ FII ने ₹34,350 करोड़ की भारी-भरकम बिकवाली की थी। हालांकि, उस दौरान DII ने ₹79,620 करोड़ का बड़ा निवेश कर बाजार को ढहने से बचाया था।
वर्तमान में विदेशी निवेशकों की बिकवाली घरेलू खरीदारी पर हावी होती दिख रही है, जिसके कारण निफ्टी 25,500 के स्तर के आसपास झूल रहा है। निवेशकों की नज़र अब दोपहर के यूरोपीय बाजारों के खुलने और घरेलू सपोर्ट लेवल पर टिकी है।

