केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भारत-पाक सीमा पर ‘अजेय प्रहरी’ स्मारक पर दी श्रद्धांजलि; बीएसएफ जवानों के लिए ₹250 करोड़ की योजनाओं का तोहफा

जम्मू: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज जम्मू दौरे के दौरान भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित ‘गुरनाम’ और ‘बोबिया’ सीमा चौकियों (BOP) का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने सीमा की सुरक्षा में तैनात सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों के साथ समय बिताया और उनके कल्याण के लिए कुल ₹250 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
शहीदों को नमन और बुनियादी ढांचे का विकास: गृह मंत्री ने ‘अजेय प्रहरी’ स्मारक पर जाकर देश की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने ‘बोबिया’ परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। श्री शाह ने ₹7 करोड़ की लागत से तैयार सोलर वॉटर हीटर, सोलर पावर प्लांट और ऑफिसर्स मेस का उद्घाटन किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बीएसएफ के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए ₹242 करोड़ की भावी परियोजनाओं की आधारशिला रखी।
शौर्य का सम्मान: संबोधन के दौरान गृह मंत्री ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का विशेष उल्लेख करते हुए इसे बीएसएफ के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि सीमा पर घुसपैठ और अतिक्रमण के खिलाफ बीएसएफ एक अभेद्य दीवार की तरह है। उन्होंने वीर चक्र से सम्मानित सब-इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज़ अहमद और सिपाही दीपक चिंखाम के बलिदान को याद करते हुए कहा कि बीएसएफ ने जम्मू-कश्मीर फ्रंटियर में दुश्मन के 118 पोस्टों को ध्वस्त कर वीरता की नई मिसाल पेश की है।


