“भक्ति जन्म से नहीं, मन की पवित्रता से तय होती है”: शबरी जयंती पर मुख्यमंत्री के प्रेरक विचार

 माता शबरी की जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भक्ति और मानवता का संदेश देते हुए कहा कि शबरी मैया का चरित्र हमें सिखाता है कि ईश्वर केवल भाव के भूखे होते हैं। उन्होंने कहा, “बेर चखकर भगवान को अर्पित करना भक्ति का उत्कर्ष था।” मुख्यमंत्री ने कोल समाज की आराध्य देवी को नमन करते हुए जनजातीय समाज के गौरव को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनजातीय नायकों की गाथाओं को शैक्षिक पाठ्यक्रमों में शामिल कर रही है। ‘पीएम जन-मन’ और ‘धरती आबा’ अभियान के जरिए करोड़ों के विकास कार्य हो रहे हैं। गंधिया में माता शबरी की प्रतिमा का अनावरण करते हुए उन्होंने बताया कि श्री रामचन्द्र पथ गमन न्यास के माध्यम से भगवान राम के चरणों से पावन हुई भूमि का कायाकल्प किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास और विरासत को साथ लेकर चलना ही सरकार की प्राथमिकता है।

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