पेसा कानून क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर; पारंपरिक न्याय व्यवस्था से सुलझे 11 हजार विवाद

भोपाल: मध्यप्रदेश ने पेसा (PESA) अधिनियम के क्रियान्वयन में देश भर में अपनी धाक जमाई है। मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने जानकारी दी कि मध्यप्रदेश आज महाराष्ट्र के बाद देश में दूसरे पायदान पर है। उन्होंने बताया कि राज्य की समन्वित कोशिशों से अब तक 900 से अधिक नई ग्राम सभाओं का गठन किया जा चुका है।
सामुदायिक न्याय व्यवस्था की सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि शांति एवं विवाद निवारण समितियों ने पारंपरिक चौपालों के माध्यम से 11,000 से अधिक प्रकरणों का समाधान किया है। मंत्री ने आंध्रप्रदेश के विशाखापत्तनम में आयोजित राष्ट्रीय पेसा महोत्सव में प्रदेश के जनजातीय खिलाड़ियों द्वारा कबड्डी में जीते गए स्वर्ण (पुरुष वर्ग) और रजत (महिला वर्ग) पदकों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि पेसा कानून जनजातीय समाज के स्वाभिमान और संवैधानिक अधिकारों की पुनर्स्थापना का माध्यम है।



