मौसम अपडेट :

फरवरी के दूसरे पखवाड़े की शुरुआत के साथ ही भारत के मौसम चक्र में एक अजीब विरोधाभास देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहाँ हिमालयी राज्य कड़ाके की ठंड और बर्फबारी की चपेट में हैं, वहीं देश के मैदानी और मध्य राज्यों में पारा तेजी से बढ़ते हुए 30°C के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया है।
मैदानी राज्यों का हाल: चढ़ता पारा और बदलती ऋतु
राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में अब दिन के समय धूप तीखी होने लगी है।
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मध्य प्रदेश: प्रदेश के 15 से अधिक शहरों में तापमान 30°C के ऊपर जा चुका है। हालांकि 13 और 16 फरवरी को दो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) सक्रिय हो रहे हैं, लेकिन इनका प्रभाव केवल पहाड़ों तक सीमित रहने की संभावना है, जिससे एमपी में गर्मी का ग्राफ और बढ़ेगा।
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राजस्थान: चित्तौड़गढ़ में पारा 31°C रिकॉर्ड किया गया है। आने वाले 14 फरवरी को तापमान में 1 से 2 डिग्री की और बढ़ोत्तरी देखी जा सकती है, हालांकि अगले सप्ताह एक नए विक्षोभ से हल्की बारिश की उम्मीद भी है।
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छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश: छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में पारा 32.7°C तक पहुँच गया है, जो राज्य में सबसे अधिक है। वहीं उत्तर प्रदेश के बांदा में लगातार तीसरे दिन 31.2°C तापमान दर्ज किया गया, जिससे यह राज्य का सबसे गर्म शहर बना हुआ है।
पहाड़ी राज्यों में शीतकाल का तांडव
मैदानों के विपरीत, ऊँचाई वाले इलाकों में स्थिति अब भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
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उत्तराखंड: यहाँ के 7 शहरों में तापमान -10°C से भी नीचे गिर गया है। मुनस्यारी में पारा -26°C तक लुढ़क गया है, जो भीषण शीत लहर का संकेत है।
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जम्मू-कश्मीर: अनंतनाग और अन्य ऊँचाई वाले इलाकों में बर्फबारी जारी है। ऐतिहासिक मुगल रोड पर कई फीट बर्फ जमा होने के कारण यातायात पूरी तरह ठप है।
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