‘नागरिकदेवो भव’ के संकल्प के साथ प्रधानमंत्री ने ‘सेवा तीर्थ’ का किया उद्घाटन; साउथ ब्लॉक से नए पते पर स्थानांतरित हुआ पीएमओ

नई दिल्ली: भारत के प्रशासनिक इतिहास में शुक्रवार को एक युगांतरकारी अध्याय की शुरुआत हुई। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जनसेवा के प्रति अपने अटूट संकल्प को दोहराते हुए नए प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन 1 व 2’ को राष्ट्र को समर्पित किया। इस उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय का आधिकारिक पता अब बदल गया है; दशकों से साउथ ब्लॉक में स्थित पीएमओ अब इस आधुनिक और सेवा-भावना से प्रेरित परिसर में स्थानांतरित हो गया है।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि ‘सेवा तीर्थ’ केवल एक प्रशासनिक भवन नहीं है, बल्कि यह ‘नागरिकदेवो भव’ (नागरिक ही देवता हैं) की पावन भावना का मूर्त रूप है। उन्होंने राष्ट्र को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि यह परिसर ‘इंडिया फर्स्ट’ और नागरिकों के प्रति करुणा के सिद्धांतों पर आधारित है। मोदी ने ब्रिटिश काल की मानसिकता पर प्रहार करते हुए कहा कि नॉर्थ और साउथ ब्लॉक की इमारतें औपनिवेशिक शासन की शक्ति का प्रदर्शन थीं, जो ब्रिटेन के महाराज की सोच को भारतीय भूमि पर थोपने के लिए बनाई गई थीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि 2014 के बाद देश ने गुलामी के इन प्रतीकों को पीछे छोड़कर अपनी पहचान और सेवा भावना के साथ आगे बढ़ने का निर्णय लिया है।

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