मध्य प्रदेश सरकार का संकल्प: दतिया बनेगा विकास, नवाचार और किसान समृद्धि का रोल मॉडल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दतिया जिला कृषि और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। सेवढ़ा तहसील में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि प्रदेश में सिंचित रकबा 2003 के 7 लाख हेक्टेयर से बढ़कर अब 55 लाख हेक्टेयर से अधिक हो गया है।
प्रमुख विकास बिंदु:
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कृषि और सिंचाई: केन-बेतवा लिंक परियोजना का लाभ दतिया के किसानों को मिलेगा। जिले के 1.37 लाख किसानों को सम्मान निधि और 1.26 लाख किसानों को फसल बीमा का लाभ मिल रहा है।
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पशुपालन: दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकारी गौ-शालाओं का अनुदान 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति गाय कर दिया गया है। डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के तहत 10 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है।
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शिक्षा और स्वास्थ्य: सरकारी स्कूलों में अब नि:शुल्क दूध वितरित किया जाएगा। दुर्घटना पीड़ितों की मदद के लिए ‘राहवीर योजना’ शुरू की गई है, जिसमें घायल को अस्पताल पहुँचाने वाले को 25 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।
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कनेक्टिविटी: दतिया-भोपाल फ्लाइट और दिल्ली तक वंदे भारत ट्रेन की सुविधा से पर्यटन और व्यापार को नई गति मिली है।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि बुंदेला काल के दतिया महल और गुज्जरा शिलालेख का यूनेस्को की टेंटेटिव सूची में शामिल होना जिले के ऐतिहासिक गौरव की जीत है।



