सुपर-8 में नेट रन रेट का संकट: अफ्रीका ने भारत को 111 पर किया ढेर, सेमीफाइनल की राह हुई कठिन

रविवार को अहमदाबाद के मैदान पर दक्षिण अफ्रीका ने भारत के खिलाफ पूर्ण प्रभुत्व दिखाया। प्लेयर ऑफ द मैच डेविड मिलर की 35 गेंदों पर 63 रनों की पारी ने मैच की नींव रखी, जिस पर उनके गेंदबाजों ने जीत की इमारत खड़ी की।
बल्लेबाजों का ‘जीरो’ प्रदर्शन: भारतीय बल्लेबाजी में निरंतरता का अभाव चिंता का विषय बन गया है। लगातार चौथे मैच में भारत का कोई ओपनर शून्य पर आउट हुआ। ईशान किशन के खाता न खोल पाने के बाद दबाव बढ़ गया। शिवम दुबे (42 रन) के अलावा कोई भी बल्लेबाज दक्षिण अफ्रीकी आक्रमण का सामना नहीं कर सका। केशव महाराज की स्पिन और मार्को यानसन की उछाल भरी गेंदों का भारतीय मिडिल ऑर्डर के पास कोई जवाब नहीं था।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली 76 रनों की हार ने भारत की सेमीफाइनल की राह को पेचीदा बना दिया है। इस बड़ी हार के कारण ग्रुप-1 में भारत का नेट रन रेट गिरकर -3.800 हो गया है। अब टीम इंडिया को अगले दोनों मैचों में न सिर्फ जीत दर्ज करनी होगी, बल्कि मार्जिन भी बड़ा रखना होगा।
मैच के मुख्य सांख्यिकीय पहलू:
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साझेदारी का अभाव: भारतीय पारी के दौरान एक भी अर्धशतकीय साझेदारी नहीं हुई। मिडिल ओवर्स (7-15) में भारत ने सिर्फ 57 रन बनाए और 5 महत्वपूर्ण विकेट खो दिए।
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महाराज का जादुई ओवर: 15वें ओवर में केशव महाराज ने हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह और अर्शदीप सिंह को आउट कर भारतीय उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
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गेंदबाजी का प्रदर्शन: भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह ने 3 विकेट लिए, लेकिन वह हार टालने के लिए काफी नहीं थे। वहीं, अफ्रीका के मार्को यानसन ने 4 विकेट लेकर भारतीय टॉप ऑर्डर की कमर तोड़ दी।
अगली चुनौती: भारत को अब अपने बचे हुए दो मैचों में असाधारण प्रदर्शन करना होगा ताकि वह टॉप-2 में जगह बनाकर सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर सके।



