लुटियंस की जगह अब ‘राजाजी’: राष्ट्रपति भवन से हटा गुलामी का प्रतीक, पीएम मोदी बोले- सेवा भाव की मिसाल थे राजगोपालाचारी

नई दिल्ली: भारत अब गुलामी की मानसिकता को पीछे छोड़ अपनी वास्तविक पहचान की ओर लौट रहा है। इसी कड़ी में राष्ट्रपति भवन में सोमवार को ब्रिटिश प्रशासकों की विरासत की जगह भारत के महान सपूत सी. राजगोपालाचारी को सम्मानित स्थान दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने हालिया ‘मन की बात’ कार्यक्रम का संदर्भ देते हुए कहा कि देश अब औपनिवेशिक प्रतीकों को त्याग कर भारतीय संस्कृति और नायकों को महत्व दे रहा है।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी राष्ट्रपति भवन में ब्रिटिश मूर्तियां मौजूद थीं, जिन्हें अब बदला जा रहा है। उन्होंने राजाजी को याद करते हुए कहा कि उनके लिए सत्ता कभी पद नहीं बल्कि सेवा का माध्यम रही। उनका आत्मसंयम और सार्वजनिक जीवन में शुचिता आज की पीढ़ी के लिए एक महान विरासत है। इसी क्रम में राष्ट्रपति भवन में 24 फरवरी से 1 मार्च तक एक विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।



