भारत-इजरायल संबंधों का नया स्वर्णिम अध्याय: पीएम मोदी की यात्रा, ‘नेसेट अवार्ड’ और भविष्य की बड़ी साझेदारियां

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी इजरायल यात्रा के दूसरे दिन भारत-इजरायल जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। “शालोम” के संबोधन के साथ शुरू हुए अपने भाषण में पीएम मोदी ने इजरायल द्वारा मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी इस यात्रा को नौ साल बाद एक गौरवपूर्ण वापसी बताया।
प्रमुख कूटनीतिक उपलब्धियां:
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ऐतिहासिक सम्मान: पीएम मोदी को ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट अवार्ड’ से नवाजा गया, जिसे उन्होंने 140 करोड़ भारतीयों और दोनों देशों की अटूट मित्रता को समर्पित किया।
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रणनीतिक अपग्रेड: दोनों देशों ने अपने संबंधों को अब ‘स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा देने का निर्णय लिया है, जो गहरे भरोसे और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित है।
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आर्थिक और तकनीकी विस्तार: द्विपक्षीय निवेश समझौते के बाद अब जल्द ही एक ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’ (FTA) पर काम पूरा किया जाएगा। साथ ही, AI, क्वांटम कंप्यूटिंग और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग के लिए ‘इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप’ की घोषणा की गई।
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डिजिटल और एकेडमिक जुड़ाव: भारत की डिजिटल ताकत ‘UPI’ के इस्तेमाल के लिए समझौता हुआ और शोधकर्ताओं को जोड़ने के लिए ‘इंडिया-इजरायल एकेडमिक फोरम’ की स्थापना की गई।
अंत में, पीएम मोदी ने आतंकवाद पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि दुनिया में इसके लिए कोई जगह नहीं है और भारत-इजरायल कंधे से कंधा मिलाकर इसका विरोध करते रहेंगे।



