आसमान से समंदर तक राष्ट्रपति का पराक्रम: सुखोई, राफेल और वाघशीर के बाद अब ‘प्रचंड’ की बारी

 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शुक्रवार को ‘प्रचंड’ हेलीकॉप्टर में उड़ान भरकर अपनी उपलब्धियों में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ लिया है। राष्ट्रपति का यह सफर केवल आसमान तक सीमित नहीं रहा है; हाल ही में उन्होंने कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी ‘आईएनएस वाघशीर’ में अंडरवॉटर वॉरफेयर की बारीकियों को समझा था। ऐसा करने वाली वह डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के बाद दूसरी राष्ट्रपति बनी थीं।

अक्टूबर 2023 में अंबाला में ‘राफेल’ और उससे पहले तेजपुर में ‘सुखोई-30 MKI’ की सॉर्टी के बाद आज ‘प्रचंड’ की उड़ान यह सिद्ध करती है कि राष्ट्रपति देश की तीनों सेनाओं की आधुनिक हथियार प्रणालियों से सीधे तौर पर जुड़कर सैनिकों का उत्साहवर्धन कर रही हैं। यह ऐतिहासिक सिलसिला भारतीय सेनाओं की आधुनिकता और ‘नारी शक्ति’ के बढ़ते कदमों का जीवंत उदाहरण है।

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