पुडुचेरी बनेगा उच्च शिक्षा और उन्नत स्वास्थ्य का हब: पीएम मोदी ने किया एनआईटी कराईकल और जेआईपीएमईआर कैंसर केंद्र का लोकार्पण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पुडुचेरी यात्रा ने क्षेत्र के शैक्षिक और चिकित्सा परिदृश्य को एक नई ऊंचाई प्रदान की है। रविवार को प्रधानमंत्री ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण भवनों का उद्घाटन किया। इनमें नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT), कराईकल का नवनिर्मित ‘एपीजे अब्दुल कलाम इंजीनियरिंग ब्लॉक’ और ‘गंगा हॉस्टल’ शामिल हैं। साथ ही, पांडिचेरी विश्वविद्यालय के नए शैक्षणिक भवनों और छात्रावासों का भी लोकार्पण किया गया, जिससे छात्रों को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकेंगी।
स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री ने ‘जीपमेर’ (JIPMER) में क्षेत्रीय कैंसर केंद्र के आधुनिकीकरण कार्य को जनता को समर्पित किया। औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए 750 एकड़ में फैले ‘करासूर-सेदरापेट औद्योगिक क्षेत्र’ का भी शुभारंभ किया गया, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा, स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने के लिए नई जल आपूर्ति प्रणालियों और ग्रामीण कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 41 नई सड़कों की आधारशिला रखी गई।
धानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पुडुचेरी को 2,700 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। एक भव्य समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पुडुचेरी के विकास के लिए उन्होंने जो ‘BEST’ (बिजनेस, एजुकेशन, स्पिरिचुअलिटी और टूरिज्म) का मंत्र दिया था, वह पिछले साढे़ चार वर्षों में धरातल पर उतरता दिख रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश एक ही विजन के साथ ‘डबल इंजन’ की रफ्तार से काम करते हैं, तो परिणाम सुखद और तीव्र होते हैं।
प्रधानमंत्री ने पुडुचेरी की आर्थिक प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि यहां प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और सामाजिक प्रगति सूचकांक (SPI) में इस क्षेत्र ने देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के केंद्रीय बजट में बुनियादी ढांचे के लिए आवंटित 12 लाख करोड़ रुपए का सीधा लाभ पुडुचेरी को भी मिलेगा। विशेष रूप से, ‘पूंजी निवेश योजना’ के तहत पुडुचेरी को राज्यों के समान सहायता दी जा रही है, जिससे सड़क, जल आपूर्ति और तटीय बुनियादी ढांचे जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को नई गति मिलेगी।



