शेयर बाज़ार अपडेट

वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, विशेषकर अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के खतरों ने आज भारतीय शेयर बाजार को झकझोर कर रख दिया। ४ मार्च को कारोबार की समाप्ति पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 1123 अंक (1.40%) गिरकर 79,116 के स्तर पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 385 अंक (1.55%) की भारी गिरावट के साथ 24,480 पर आ गया। बाजार में सबसे ज्यादा मार मेटल और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों पर पड़ी है।
बाजार गिरने के तीन प्रमुख कारण:
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सप्लाई चेन का संकट: युद्ध की स्थिति में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने का डर।
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महंगा कच्चा तेल: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से भारत का आयात बिल और घरेलू महंगाई बढ़ने की आशंका।
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वैश्विक बाजारों का दबाव: अमेरिकी और एशियाई बाजारों में मंदी का सीधा असर दलाल स्ट्रीट पर दिखा।
वैश्विक बाजारों का हाल:
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एशिया: दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) इंडेक्स 12% (700 अंक) की ऐतिहासिक गिरावट के साथ बंद हुआ। जापान का निक्केई 3.61% और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग 2.01% टूटा। चीन के शंघाई कंपोजिट में भी करीब 1% की गिरावट रही।
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अमेरिका: अमेरिकी बाजार डाओ जोंस पिछले सत्र में एक समय 1200 अंक तक गिर गया था, हालांकि बाद में इसने 800 अंकों की रिकवरी की और अंततः 403 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ। नैस्डैक और S&P 500 भी करीब 1% नीचे रहे।
पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के तनाव ने न केवल शेयर बाजार को डुबोया है, बल्कि आम आदमी की जेब पर भी भारी बोझ पड़ने के संकेत दिए हैं। आज 4 मार्च को निवेशकों ने जोखिम भरे शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने और चांदी जैसी सुरक्षित जगहों पर निवेश किया।
महंगाई का डबल अटैक:
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सोना और चांदी: एमसीएक्स (MCX) पर सोने की कीमत ₹2,000 बढ़कर 1.63 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई है। वहीं, चांदी ₹6,000 की बढ़त के साथ 2.72 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है।
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पेट्रोल-डीजल: कच्चे तेल की कीमतें पिछले 3 दिनों में 13% चढ़ चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कच्चा तेल 120 डॉलर तक जाता है, तो दिल्ली में पेट्रोल ₹100 और डीजल ₹92 प्रति लीटर तक महंगा हो सकता है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक युद्ध की स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक बाजार में अस्थिरता और महंगाई का खतरा बना रहेगा।



