स्वदेशी ‘सेल ब्रॉडकास्ट’ तकनीक का सफल परीक्षण: सिंधिया ने कहा- आपदा प्रबंधन में मील का पत्थर साबित होगी यह प्रणाली


भारत सरकार ने शनिवार को आपदा प्रबंधन की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए अपनी स्वदेशी ‘सेल ब्रॉडकास्ट सेवा’ का देशव्यापी परीक्षण किया। इस परीक्षण के तहत मोबाइल उपयोगकर्ताओं को भेजे गए अलर्ट संदेशों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि यह पहल नागरिक सुरक्षा को सशक्त बनाने और आपातकाल में सूचनाओं के निर्बाध प्रवाह को सुनिश्चित करने के संकल्प का हिस्सा है। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि यह कोई वास्तविक संकट नहीं, बल्कि तकनीक की प्रभावशीलता जांचने का एक अनिवार्य टेस्ट था।
मंत्री सिंधिया ने स्पष्ट किया कि मोबाइल स्क्रीन पर अचानक आए इन संदेशों के पीछे दूरसंचार विभाग की नई तकनीक काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक है, जिसे ‘सेल ब्रॉडकास्ट’ के नाम से जाना जाता है। सिंधिया ने डिजिटल माध्यमों से नागरिकों से संवाद करते हुए अनुरोध किया कि वे इन संदेशों से भयभीत न हों। यह पूरी प्रक्रिया यह सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है कि भविष्य में जब भी कोई वास्तविक आपदा आए, तो सरकारी मशीनरी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने में सक्षम हो।
तकनीकी विकास के संदर्भ में उन्होंने बताया कि यह महत्वपूर्ण उपलब्धि सी-डॉट (C-DOT) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। इस प्रणाली की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह भौगोलिक स्थिति (लोकेशन) के आधार पर कार्य करती है। भविष्य में यदि किसी विशिष्ट क्षेत्र में चक्रवात, बाढ़ या अन्य आपात स्थिति पैदा होती है, तो वहां के नागरिकों को उनकी अपनी क्षेत्रीय भाषा में तुरंत संदेश मिल जाएगा, जिससे उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचने का पर्याप्त समय मिलेगा।
गौरतलब है कि इस ‘सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम’ का शुभारंभ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दूरदर्शी मार्गदर्शन और सुझावों के तहत किया गया है। परीक्षण के दौरान मोबाइल फोन पर गूंजने वाली विशेष बीप ध्वनि और फ्लैश संदेशों का उद्देश्य यह परखना था कि गंभीर स्थितियों में यह नेटवर्क बिना किसी देरी के जनसुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं प्रसारित कर सकता है या नहीं। सरकार के अनुसार, यह प्रणाली देश के सुरक्षा ढांचे को डिजिटल रूप से और अधिक उन्नत बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।



