“बेटियों की सुरक्षा सर्वोपरि”: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युद्ध के साये से प्रियांशी को सुरक्षित निकाला

 जब अल्बानिया की धरती पर मध्य-पूर्व के युद्ध का तनाव बढ़ रहा था, तब उज्जैन की बेटी प्रियांशी प्रजापत की सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार चिंतित थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक अभिभावक की भूमिका निभाते हुए कूटनीतिक और उच्च स्तरीय प्रयास किए, ताकि वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप में तिरंगा फहराने वाली प्रियांशी सकुशल घर लौट सकें।

मुख्यमंत्री का प्रियांशी के प्रति समर्थन नया नहीं है। जब वे मध्यप्रदेश कुश्ती क्षेत्र के अध्यक्ष थे, तब भी उन्होंने प्रियांशी की प्रतिभा को पहचानते हुए 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी थी। 26 फरवरी को हुए मुकाबलों में प्रियांशी ने कजाकिस्तान और अमेरिका की रेसलर्स को हराकर अपनी धाक जमाई। उनकी इस सफलता और सुरक्षित वापसी पर मुख्यमंत्री ने उन्हें बधाई दी है।

प्रियांशी के पिता श्री प्रजापत ने भावुक होते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सहयोग के बिना यह कठिन समय काटना मुश्किल था। यह जीत और सुरक्षित वापसी प्रदेश की खेल प्रतिभाओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती है।

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