मिडिल ईस्ट संकट का असर: देश में गैस किल्लत रोकने के लिए सरकार ने बढ़ाए दाम और कड़े किए नियम

अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भारत में गैस की आपूर्ति पर संकट खड़ा कर दिया है। सप्लाई बाधित होने की आशंका के बीच सरकार ने न केवल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए हैं, बल्कि 5 मार्च को ‘इमरजेंसी पावर’ का इस्तेमाल करते हुए रिफाइनरियों को कड़े निर्देश भी दिए हैं।
सरकार ने आदेश दिया है कि देश की सभी ऑयल रिफाइनरी कंपनियां अब प्रोपेन और ब्यूटेन का इस्तेमाल केवल रसोई गैस बनाने के लिए करेंगी। IOC, HPCL और BPCL जैसी सरकारी कंपनियों को इनकी निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि आम उपभोक्ताओं को किल्लत का सामना न करना पड़े। मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण सप्लाई चैन बिगड़ने के खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।



