पश्चिम एशिया संकट: भारत सरकार ने तैनात किया ‘विशेष कंट्रोल रूम’, खाड़ी देशों से अब तक 52,000 भारतीयों की सुरक्षित वतन वापसी

नई दिल्ली: भारत सरकार ने पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में तेजी से बदलती सुरक्षा स्थितियों के बीच वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास शुरू कर दिए हैं। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शनिवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि सरकार स्थिति की चौबीसों घंटे निगरानी कर रही है। विशेष रूप से उन भारतीयों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है जो पारगमन (transit) के दौरान या संक्षिप्त यात्राओं के सिलसिले में वहां फंसे हुए हैं।
सुरक्षा उपाय और हेल्पलाइन: मंत्रालय ने प्रभावित नागरिकों और उनके चिंतित परिवारों की सहायता के लिए एक समर्पित विशेष नियंत्रण कक्ष (Dedicated Special Control Room) स्थापित किया है। इसके अतिरिक्त, संबंधित देशों में स्थित भारतीय दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं और 24×7 हेल्पलाइन नंबर सक्रिय कर दिए हैं। सभी नागरिकों को सख्त सलाह दी गई है कि वे स्थानीय प्रशासन और भारतीय मिशनों द्वारा जारी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करें।
निकासी के आंकड़े: बयान के अनुसार, हवाई क्षेत्र के आंशिक रूप से खुलने के बाद वाणिज्यिक और गैर-निर्धारित उड़ानों का संचालन तेज कर दिया गया है। 1 से 7 मार्च, 2026 के बीच कुल 52,000 से अधिक भारतीय सुरक्षित रूप से स्वदेश लौट चुके हैं। इनमें से 32,107 यात्रियों ने भारतीय एयरलाइंस की सेवाओं का लाभ उठाया। सरकार आने वाले दिनों में उड़ानों की संख्या और बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है।



