पश्चिम एशिया के संकट पर नागर विमानन मंत्रालय की पैनी नजर; यात्रियों की सुरक्षा के लिए एयरलाइंस ने बदले परिचालन नियम

नई दिल्ली: नागर विमानन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वह पश्चिम एशिया में उपजे हालिया तनाव और उससे हवाई यात्रा पर पड़ने वाले प्रभावों की बारीकी से निगरानी कर रहा है। मंत्रालय का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा और उड़ानों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय एयरलाइंस अपने परिचालन में आवश्यक बदलाव कर रही हैं।

आंकड़ों पर एक नजर:

  • 7 मार्च: क्षेत्र से कुल 51 उड़ानें 8,175 यात्रियों को लेकर सुरक्षित भारत पहुँचीं।

  • 8 मार्च: एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी प्रमुख कंपनियों ने दुबई, मस्कट और जेद्दा जैसे शहरों से 49 आगमन उड़ानों की योजना बनाई थी।

  • 9 मार्च: मौजूदा परिस्थितियों के आकलन के बाद आज लगभग 50 उड़ानों के संचालन की तैयारी है।

मंत्रालय ने आश्वासन दिया है कि हवाई किरायों में किसी भी अनुचित बढ़ोतरी को रोकने के लिए सख्त निगरानी रखी जा रही है। साथ ही, अन्य क्षेत्रीय हवाई अड्डों की जमीनी स्थिति का भी लगातार मूल्यांकन किया जा रहा है ताकि आवश्यकता पड़ने पर उड़ानों की संख्या बढ़ाई जा सके। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उड़ान की ताजा जानकारी के लिए संबंधित एयरलाइंस के संपर्क में रहें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button