गल्फ रीजन में गहराता युद्ध और भारत की चिंता: विदेश मंत्री ने सदन में रखी ‘संकट से समाधान’ तक की कार्ययोजना

नई दिल्ली: राज्यसभा में सोमवार को पश्चिम एशिया के मुद्दे पर भारी हंगामे के बीच विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा भारतीयों की मौत का मुद्दा उठाए जाने के बाद, विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार हर भारतीय की जान की सुरक्षा के लिए गंभीर है।
बिगड़ते हालात और प्रभाव: विदेश मंत्री ने स्वीकार किया कि अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद स्थिति और अधिक विस्फोटक हो गई है, जिससे कई वरिष्ठ नेताओं की मौत हुई है और तबाही का दायरा बढ़ गया है। संघर्ष अब अन्य देशों तक फैल रहा है, जिससे सामान्य जीवन और व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई हैं।
छात्रों और यात्रियों के लिए निर्देश: सरकार ने विशेष रूप से उन छात्रों की समस्याओं पर ध्यान दिया है जो खाड़ी देशों में परीक्षाओं में शामिल होने वाले हैं। संबंधित मंत्रालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे यात्रियों और छात्रों को आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाएं। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह संदेश साफ कर दिया है कि बातचीत ही इस संकट का एकमात्र समाधान है।



