यूएनएससी में ईरान के खिलाफ बहरीन का प्रस्ताव पारित: खाड़ी देशों पर हमलों की निंदा, रूस और चीन वोटिंग से बाहर

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने खाड़ी देशों पर ईरान द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के खिलाफ बहरीन द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव को बहुमत से पारित कर दिया है। इस प्रस्ताव के पक्ष में 15 में से 13 देशों ने मतदान किया, जबकि रूस और चीन ने प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया। पाकिस्तान ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि वह भी इन हमलों के प्रभाव से अछूता नहीं है।
प्रस्ताव में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, यूएई और जॉर्डन पर हुए हमलों की कड़ी आलोचना की गई है। बहरीन के प्रतिनिधि जमाल फारिस अलरोवैई ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश करते हुए बताया कि GCC देशों ने अब तक ईरान की 954 मिसाइलों, 2,500 ड्रोन और 17 विमानों को इंटरसेप्ट किया है। उन्होंने कहा कि ये हमले न केवल रिहायशी इलाकों और बंदरगाहों को निशाना बना रहे हैं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और समुद्री व्यापार मार्ग को भी बाधित कर रहे हैं।
दूसरी ओर, ईरान ने इस फैसले को सुरक्षा परिषद का “खुलेआम दुरुपयोग” बताते हुए इसकी निंदा की है। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात ने स्पष्ट किया कि उनकी धरती का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए नहीं हुआ, फिर भी उन्हें निशाना बनाया गया। परिषद ने देशों के आत्मरक्षा के अधिकार (अनुच्छेद 51) का समर्थन किया है।



