एमटी सेट्टेबेलो जहाज हादसे में लापता 3 भारतीयों की मौत की पुष्टि, भारत ने अमेरिकी दूतावास के उप प्रमुख को तलब कर दर्ज कराया विरोध

मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट एमटी सेट्टेबेलो मालवाहक जहाज पर हुए हमले के बाद लापता हुए तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस बात की पुष्टि करते हुए हादसे पर गहरा अफसोस जताया है। पालाउ देश के झंडे वाले इस रासायनिक और तेल टैंकर पर सवार 24 क्रू मेंबर्स में से 21 को सुरक्षित निकाल लिया गया था। भारत सरकार ने इस घटनाक्रम को बेहद गंभीरता से लेते हुए अमेरिकी राजनयिक के समक्ष अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के जरिए इस नुकसान पर दुख प्रकट किया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि पालाउ-ध्वज वाले जहाज एमटी सेट्टेबेलो पर घटित यह घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। हादसे के बाद से जो तीन भारतीय नाविक लापता चल रहे थे, दुर्भाग्यवश उनके शव बरामद कर लिए गए हैं और उनकी शिनाख्त भी पूरी हो चुकी है। सोनोवाल ने प्रशासनिक अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे रेस्क्यू किए गए भारतीय नागरिकों की तत्काल वतन वापसी सुनिश्चित करें और मृतकों के शवों को सम्मानपूर्वक उनके परिवारों तक पहुंचाएं ताकि अंतिम क्रियाकर्म किया जा सके।
इस राजनयिक विवाद की पृष्ठभूमि में, भारतीय विदेश मंत्रालय ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित अमेरिकी एम्बेसी के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन जैसन मीक्स को समन जारी किया। भारत ने इस घटना को लेकर अमेरिका के सामने अपना कड़ा विरोध प्रकट किया है। दरअसल, अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने यह स्वीकार किया था कि मंगलवार शाम को ओमान की खाड़ी में उनकी सेना ने सेट्टेबेलो टैंकर पर टारगेटेड हमला किया था। अमेरिकी सेना का तर्क था कि इस जहाज पर ईरानी तेल लदा हुआ था और उसके क्रू ने अमेरिकी सैन्य बलों के निर्देशों का पालन नहीं किया था।
दूसरी ओर, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह वाणिज्यिक जहाज ओमान के सोहार बंदरगाह से करीब 20 नॉटिकल मील (लगभग 37 किलोमीटर) उत्तर-पूर्व में था, जब इसके इंजन कक्ष में आग भड़क उठी। जहाज की तरफ से इमरजेंसी सिग्नल भेजकर मदद की गुहार लगाई गई थी। इस डिस्ट्रेस कॉल के मिलने के बाद रॉयल नेवी ऑफ ओमान ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया था, जिसमें अधिकांश नाविकों की जान बचा ली गई थी।



