दांडी सत्याग्रह वर्षगांठ: प्रधानमंत्री मोदी का ‘सत्य’ का संदेश, अमित शाह ने बताया स्वदेशी की दिशा में क्रांतिकारी कदम

12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से शुरू हुई ऐतिहासिक दांडी यात्रा की याद में आज देश के शीर्ष नेतृत्व ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर मुंडकोपनिषद के प्रसिद्ध मंत्र का उल्लेख करते हुए ‘सत्य’ की शक्ति पर जोर दिया। उन्होंने लिखा कि सत्य ही वह मार्ग है जिससे ऋषियों ने सिद्धियां प्राप्त कीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दांडी मार्च को भारतीय स्वाधीनता संग्राम की वह ‘ज्योति’ बताया जिसने जन-जन में आत्मबल भरा। उन्होंने कहा कि इस सत्याग्रह ने साबित कर दिया कि सत्य और साहस के सामने बड़े-बड़े साम्राज्य भी टिक नहीं पाते। वहीं, नितिन गडकरी ने इसे अंग्रेजों के अत्याचारी नमक कानून के विरुद्ध एक निर्णायक प्रहार बताया। नेताओं ने एक स्वर में स्वीकार किया कि दांडी यात्रा ने भारतीय स्वाधीनता संग्राम की दिशा और दशा दोनों बदल दी थी।
ऐतिहासिक दांडी मार्च की वर्षगांठ पर आज देश के प्रमुख नेताओं ने श्रद्धासुमन अर्पित किए। मुख्य अपडेट्स निम्नलिखित हैं:
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: संस्कृत श्लोक साझा कर सत्य की विजय का संदेश दिया और 1930 के आंदोलनकारियों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।
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अमित शाह: दांडी मार्च को स्वदेशी की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम बताया, जिसने आजादी की इच्छा को और प्रबल किया।
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योगी आदित्यनाथ: इसे ब्रिटिश शासन के विरुद्ध एक ‘अभूतपूर्व’ आंदोलन बताया जिसने स्वराज का नया मंत्र दिया।
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नितिन गडकरी: साबरमती से शुरू हुए इस सत्याग्रह को अत्याचारी नमक कानून के विरुद्ध ऐतिहासिक संघर्ष करार दिया।
यह दिन भारतीय इतिहास में अहिंसक प्रतिरोध और जन-भागीदारी के प्रतीक के रूप में दर्ज है, जिसे आज डिजिटल माध्यमों से पूरे देश ने याद किया।



