सरकार ने 73,000 करोड़ रुपए के अनक्लेम्ड फंड लौटाने के प्रयास तेज किए, डिजिटल और जागरूकता अभियान शुरू

सरकार ने बैंकों, बीमा कंपनियों और म्यूचुअल फंड्स में पड़े 73,000 करोड़ रुपए से अधिक के अनक्लेम्ड (बिना दावे वाले) फंड को नागरिकों तक लौटाने के प्रयासों को तेज कर दिया है। संसद को मंगलवार को वित्त राज्य मंत्री Pankaj Chaudhary ने जानकारी दी कि इसके लिए रेगुलेटर्स ने क्लेम प्रक्रिया को सरल बनाया है, डिजिटल ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म शुरू किए हैं और देशभर में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि सरकारी बैंकों में अनक्लेम्ड जमा राशि 60,500 करोड़ रुपए से अधिक हो गई है और इसे लोगों तक पहुंचाने के प्रयास लगातार जारी हैं। जनवरी 2026 तक सरकारी बैंकों ने 60,518 करोड़ रुपए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस (DEA) फंड में ट्रांसफर किए हैं।

बीमा क्षेत्र और म्यूचुअल फंड के आंकड़ों के अनुसार, बीमा कंपनियों में 8,973.89 करोड़ रुपए और म्यूचुअल फंड में 3,749.34 करोड़ रुपए अनक्लेम्ड पड़े हैं। RBI ने मृत ग्राहकों के खातों के निपटान के लिए नए नियम लागू किए हैं और अक्टूबर 2025 से एक प्रोत्साहन योजना भी शुरू की है। इस योजना के तहत सफल क्लेम सेटलमेंट पर अनक्लेम्ड राशि का 5 से 7.5 प्रतिशत तक इंसेंटिव दिया जाएगा।

बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय-समय पर अभियान चलाएं, अनक्लेम्ड खातों की सूची प्रकाशित करें और लोगों को जागरूक करें। सेबी ने म्यूचुअल फंड्स के लिए नियम सरल किए हैं, जिसमें 5 लाख रुपए तक के दावों के लिए कम दस्तावेज मांगे जाएंगे और डिजिटल प्लेटफॉर्म से तेजी से प्रोसेस किया जाएगा। अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच ‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’ नामक राष्ट्रव्यापी अभियान भी चलाया गया।

मंत्री ने बताया कि फरवरी 2026 तक करीब 23 लाख दावों से जुड़े 5,777 करोड़ रुपए लोगों को वापस किए जा चुके हैं। इसके अलावा, बीमा भरोसा और मित्र जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किए गए हैं, जहां लोग अपने अनक्लेम्ड फंड की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

फ्रॉड रोकने के लिए RBI ने 26 बैंकों में एआई-आधारित ‘म्यूलहंटर.एआई’ सिस्टम लागू किया है और इंडियन डिजिटल पेमेंट इंटेलिजेंस कॉरपोरेशन बनाया गया है, जो रियल-टाइम में धोखाधड़ी का पता लगाता है। जागरूकता बढ़ाने के लिए RBI का ‘आरबीआई कहता है’ और सेबी का ‘सेबी बनाम स्कैम’ अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि लोग अपने फंड को सुरक्षित रख सकें और समय पर क्लेम कर सकें।

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