भारत में ईंधन संकट की आशंका बेबुनियाद: सरकार ने बताया पूरी तरह सुरक्षित है सप्लाई सिस्टम

सरकार ने बयान जारी कर कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। हर नागरिक के लिए लगभग दो महीने तक की ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित है, चाहे वैश्विक परिस्थितियां कैसी भी क्यों न हों।

जहां दुनिया के कई देशों में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं, राशनिंग लागू की जा रही है और पेट्रोल पंप बंद हो रहे हैं, वहीं भारत में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। सरकार के अनुसार, कुछ स्थानों पर हुई घबराहट में खरीदारी सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाहों का परिणाम है।

तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंपों को मिलने वाला क्रेडिट बढ़ाकर 3 दिन कर दिया है, ताकि किसी भी पंप को पूंजी की कमी के कारण ईंधन की कमी का सामना न करना पड़े।

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बावजूद भारत ने अपनी आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाए रखा है। देश अब 41 से अधिक देशों से कच्चा तेल आयात कर रहा है और पहले की तुलना में अधिक आपूर्ति प्राप्त कर रहा है।

देश की सभी रिफाइनरी 100 प्रतिशत से अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं और अगले 60 दिनों के लिए आवश्यक आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। सरकार का कहना है कि आने वाले कई महीनों तक भारत तेल के मामले में पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।

सरकार ने स्पष्ट किया कि एलपीजी की भी कोई कमी नहीं है। घरेलू उत्पादन को 40 प्रतिशत बढ़ाकर रोजाना 50 टीएमटी कर दिया गया है, जबकि कुल जरूरत लगभग 80 टीएमटी है। इससे आयात की आवश्यकता घटकर केवल 30 टीएमटी रह गई है।

अमेरिका, रूस और ऑस्ट्रेलिया से 800 टीएमटी एलपीजी पहले ही भारत के लिए भेजा जा चुका है, जो देश के 22 आयात टर्मिनलों तक पहुंचेगा। सरकार के अनुसार, कम से कम एक महीने की एलपीजी आपूर्ति पूरी तरह सुनिश्चित है।

तेल कंपनियां प्रतिदिन 50 लाख से अधिक गैस सिलेंडर की डिलीवरी कर रही हैं और ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई 50 प्रतिशत तक बढ़ा दी गई है।

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