मौसम अपडेट :

देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है, जिससे उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है, वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है।
राजस्थान में 27 मार्च से 30 मार्च तक मौसम के बिगड़ने की आशंका है। राज्य के बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ समेत कुल 8 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही कई इलाकों में आंधी और बारिश की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग ने किसानों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी है। जिन किसानों की फसल कट चुकी है या खेतों में पकी फसल रखी है, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि संभावित नुकसान से बचा जा सके।
मध्य प्रदेश में भी मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है। अगले 24 घंटों के भीतर ग्वालियर समेत 7 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। यह मार्च महीने में तीसरी बार होगा जब प्रदेश में बारिश दर्ज की जाएगी। इससे पहले गुरुवार को राज्य में तापमान काफी बढ़ गया था और अधिकतम तापमान 41.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। नर्मदापुरम में 41 डिग्री के साथ इस सीजन का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। ऐसे में मौसम का यह बदलाव गर्मी से राहत तो देगा, लेकिन तेज हवाओं और बारिश के कारण नुकसान की आशंका भी बनी हुई है।
उत्तर प्रदेश में भी मौसम ने अचानक रुख बदल लिया है। शुक्रवार सुबह लखनऊ, मेरठ समेत 10 जिलों में बादल छाए रहे और लगभग 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं। मौसम विभाग ने राज्य के 38 जिलों में हल्की बारिश, गरज-चमक और बूंदाबांदी को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। इससे पहले जहां प्रदेश में गर्मी का असर बढ़ रहा था, वहीं अब मौसम के इस बदलाव से तापमान में गिरावट आ सकती है।
हरियाणा में भी मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक बारिश की संभावना जताई है। गुरुवार को रेवाड़ी, नारनौल और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की गई। आने वाले दिनों में राज्य के कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। इसके चलते तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। वहीं, 3300 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने के आसार हैं। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड और बढ़ सकती है और आवागमन भी प्रभावित हो सकता है।
इस बीच, जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में गुरुवार शाम एक हिमस्खलन (एवलांच) की घटना सामने आई, जिसमें 20 से अधिक वाहन फंस गए थे। हालांकि, बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया और देर रात सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी पूर्वानुमान जारी किया है। 28 फरवरी को अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं बिहार के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि हो सकती है। इसके अगले दिन, यानी 29 फरवरी को हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब और दिल्ली में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और उत्तराखंड में भी बिजली के साथ आंधी-तूफान आने की संभावना है।
कुल मिलाकर, देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का यह बदलाव एक साथ कई तरह के प्रभाव लेकर आ रहा है। जहां एक ओर भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर तेज हवाएं, बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी जैसी घटनाएं जनजीवन और कृषि गतिविधियों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और जारी किए गए अलर्ट का पालन करने की अपील की है।



