घुसपैठ पर सख्त रुख: असम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पांच साल का रोडमैप

असम की राजनीति में घुसपैठ का मुद्दा एक बार फिर प्रमुखता से उभरा है। सोनितपुर में आयोजित जनसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट रूप से कहा कि केवल घुसपैठ रोकना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पहले से मौजूद अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें हटाना भी आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में सरकार ने घुसपैठ को रोकने में सफलता हासिल की है, लेकिन अब अगला लक्ष्य राज्य को पूरी तरह घुसपैठ मुक्त बनाना है। उनके अनुसार, अवैध घुसपैठिए राज्य के संसाधनों पर दबाव डालते हैं और स्थानीय युवाओं के रोजगार के अवसरों को प्रभावित करते हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह मतदाता सूचियों से घुसपैठियों के नाम हटाने की प्रक्रिया का विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जनता को स्पष्ट रुख अपनाना होगा।

इसके साथ ही उन्होंने असम के ऐतिहासिक नेताओं का उल्लेख करते हुए गोपीनाथ बोरदोलोई और भूपेन हजारिका के योगदान को याद किया और बताया कि उन्हें बाद में भारत रत्न से सम्मानित किया गया।

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