केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए लॉन्च किया ‘लीफ’

केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के चार्जिंग इकोसिस्टम को विकसित करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। भारी उद्योग मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने सोमवार को ‘लीफ’ (लाइट इलेक्ट्रिक-व्हीकल एक्सेलेरेशन फोरम – LEAF) लॉन्च किया, जो एक इंडस्ट्री-नेतृत्व वाला मंच है।
इंडस्ट्री के लिए निष्पक्ष प्लेटफॉर्म
यह फोरम लाइट इलेक्ट्रिक वाहन (एलईवी) सेक्टर से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स को एक साझा मंच प्रदान करता है। इसमें वाहन निर्माता (OEM), चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेटर, कंपोनेंट निर्माता और टेक्नोलॉजी प्रदाता शामिल हैं। फोरम का उद्देश्य उद्योग और सरकार के बीच सहयोग बढ़ाना और साझा रणनीतियों के माध्यम से ईवी इकोसिस्टम को मजबूत करना है।
दोपहिया और तिपहिया ईवी को बढ़ावा
लीफ फोरम सरकार, रेगुलेटरी संस्थाओं और इंडस्ट्री संगठनों के साथ मिलकर ईवी चार्जिंग नेटवर्क के विकास को तेज करेगा। इससे देश में इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया वाहनों के उपयोग में तेजी आएगी।
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मिलेगी गति
कुमारस्वामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि यह पहल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विकास को आगे बढ़ाएगी। बेहतर इंटरऑपरेबिलिटी, विश्वसनीय सिस्टम और व्यापक चार्जिंग नेटवर्क के माध्यम से ईवी उपयोगकर्ताओं को एक समान और भरोसेमंद अनुभव मिलेगा।
‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन के अनुरूप
मंत्री ने कहा कि यह कदम ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन के अनुरूप है। इससे सतत (सस्टेनेबल) मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत और प्रतिस्पर्धी ईवी इकोसिस्टम बनाने के लिए सरकार और उद्योग का सहयोग अनिवार्य है।
मुख्य उद्देश्य
इस पहल का मकसद चार्जिंग नेटवर्क में बेहतर तालमेल (इंटरऑपरेबिलिटी), विश्वसनीयता बढ़ाना और यूजर्स को एक समान अनुभव देना है। इसके अलावा, सार्वजनिक चार्जिंग सुविधाओं का विस्तार कर देश में ईवी अपनाने की रफ्तार बढ़ाना भी शामिल है।
स्लो और फास्ट चार्जिंग का समर्थन
फोरम के तहत ‘लाइट इलेक्ट्रिक कंबाइंड चार्जिंग सिस्टम (LECCS)’ जैसे कदम उठाए जा रहे हैं, जिन्हें भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने मान्यता दी है। यह सिस्टम यूनिफाइड कनेक्टर के जरिए स्लो और फास्ट चार्जिंग दोनों को सपोर्ट करेगा।
20 से अधिक कंपनियां जुड़ीं
लीफ फोरम अब तक ईवी सेक्टर की 20 से ज्यादा कंपनियों को जोड़ चुका है। इसमें वाहन निर्माता, चार्जिंग ऑपरेटर, सप्लायर्स और सॉफ्टवेयर कंपनियां शामिल हैं। भविष्य में इसमें और अधिक संगठन जुड़ने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों की राय
इंडस्ट्री विशेषज्ञों का कहना है कि देश में ईवी अपनाने की गति बढ़ रही है, लेकिन चार्जिंग नेटवर्क की असमानता और यूजर अनुभव में अंतर जैसी चुनौतियों को दूर करना आवश्यक है। उन्होंने जोर दिया कि बेहतर इंटरऑपरेबिलिटी और मजबूत सार्वजनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर ही भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के विकास को तेजी से आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।



