पीएम मोदी का संकल्प: ‘भारत की समुद्री शक्ति से संवरेगा देश का भविष्य’, राष्ट्रीय समुद्री दिवस पर दी शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय समुद्री दिवस के अवसर पर देश के समुद्री क्षेत्र की अपार संभावनाओं को दोहन करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है। रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए गए अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की समुद्री विरासत अत्यंत समृद्ध है और इस क्षेत्र से जुड़े लोगों का समर्पण देश की अर्थव्यवस्था, व्यापार और कनेक्टिविटी की रीढ़ है।
प्रधानमंत्री ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से जानकारी दी कि भारत ने औपनिवेशिक काल के पुराने शिपिंग कानूनों को बदलकर 21वीं सदी के आधुनिक और भविष्योन्मुखी कानूनों को लागू किया है। उन्होंने बताया कि ‘मैरीटाइम इंडिया विजन’ के तहत 150 से अधिक पहलें शुरू की गई हैं। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप:
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बड़े बंदरगाहों की क्षमता दोगुनी हो गई है।
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जहाजों के ‘टर्नअराउंड समय’ में भारी कमी आई है।
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क्रूज पर्यटन और डिजिटल पोर्ट प्रबंधन को नई ऊंचाइयां मिली हैं।
गृह मंत्री अमित शाह, नितिन गडकरी और हरदीप सिंह पुरी सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने भी नाविकों के साहस और पेशेवर रवैये की सराहना की। सरकार का लक्ष्य 2047 तक समुद्री क्षेत्र के जीडीपी योगदान को वर्तमान के 4 प्रतिशत से बढ़ाकर दो अंकों (10% से अधिक) तक ले जाना है, जिससे 1 करोड़ नई नौकरियां पैदा होंगी।



