असम, केरल और पुडुचेरी में रिकॉर्ड मतदान, कई जगहों पर ऐतिहासिक वोटिंग प्रतिशत दर्ज

गुरुवार को देश के तीन क्षेत्रों—असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी—में विधानसभा चुनाव के लिए भारी मतदान हुआ। इन राज्यों में मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कई जगहों पर मतदान के नए रिकॉर्ड बने।
असम में 1950 में राज्य गठन के बाद से अब तक का सबसे अधिक 85.91% मतदान दर्ज किया गया। इससे पहले वर्ष 2016 के विधानसभा चुनाव में 84.7% वोटिंग हुई थी। इस बार राज्य में मतदान ने सभी पुराने आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया।
पुडुचेरी में भी मतदान ने नया इतिहास रच दिया। यहां आजादी के बाद सबसे ज्यादा 89.87% वोट डाले गए। इससे पहले 2006, 2011 और 2016 के विधानसभा चुनावों में अधिकतम 85% मतदान का रिकॉर्ड था, जिसे इस बार पार कर लिया गया।
केरल में भी इस बार मतदान का प्रतिशत उल्लेखनीय रहा। वर्ष 1987 के बाद, यानी पिछले 39 वर्षों में सबसे अधिक 78.27% मतदान दर्ज किया गया। हालांकि, 1987 में 80.54% मतदान का रिकॉर्ड अब भी सर्वोच्च बना हुआ है।
ये सभी आंकड़े 10 अप्रैल की सुबह 8 बजे तक के हैं। चुनाव आयोग द्वारा अंतिम आंकड़े जारी किए जाने बाकी हैं।
असम में 126 विधानसभा सीटों पर 41 राजनीतिक दलों के 722 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनकी किस्मत का फैसला मतदाताओं ने किया है। राज्य के 35 जिलों में से 26 से अधिक जिलों में 80% से ज्यादा मतदान हुआ। साउथ सलमारा मनकचर जिले में सबसे अधिक 95.56% वोटिंग दर्ज की गई, जबकि वेस्ट कार्बी आंगलॉन्ग में सबसे कम 75.25% मतदान हुआ।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मतदान प्रतिशत में वृद्धि को लेकर कहा कि इस बार विभिन्न समुदायों के बीच मतदान को लेकर प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। उन्होंने बताया कि पहले बांग्लादेश मूल के मुस्लिम समाज में 95-96% तक मतदान होता था, जबकि असमिया समाज में यह आंकड़ा 75-76% के आसपास रहता था। इस बार दोनों समुदायों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे कुल मतदान प्रतिशत में वृद्धि हुई।
केरल में 140 विधानसभा सीटों के लिए लगभग 2.6 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग कर रहे हैं। इस चुनाव में 883 उम्मीदवार मैदान में हैं। राज्य के 14 जिलों में से दो जिलों में 80% से अधिक मतदान हुआ, जबकि 10 जिलों में 70% से ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई। कोझिकोड जिले में सबसे अधिक 81.32% मतदान हुआ, जबकि पथनमथिट्टा में सबसे कम 70.76% वोट डाले गए।
केरल में कुल 2.71 करोड़ मतदाता 890 उम्मीदवारों में से अपने प्रतिनिधि का चयन कर रहे हैं, जिससे राज्य में लोकतांत्रिक प्रक्रिया का व्यापक स्वरूप देखने को मिला।



