‘विकसित भारत’ के लिए नारी शक्ति अनिवार्य: महिला आरक्षण पर प्रधानमंत्री का स्पष्ट संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि ‘विकसित भारत’ का सपना केवल सड़कों, रेल और आर्थिक आंकड़ों से पूरा नहीं होगा, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग, विशेषकर महिलाओं की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के दौरान उन्होंने “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र को इस विधेयक की आत्मा बताया।
लोकतांत्रिक परंपरा का नया अध्याय: पीएम मोदी के अनुसार, भारत की हजारों साल पुरानी लोकतांत्रिक परंपरा में यह बिल एक नया मोड़ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत का बढ़ता आत्मविश्वास और स्वीकृति तभी सार्थक है जब हमारी आंतरिक शासन व्यवस्था समावेशी हो।
विरोध करने वालों को नसीहत: प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में अतीत के विरोधों का जिक्र करते हुए कहा कि जब-जब इस बिल का रास्ता रोका गया, महिलाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से उसका करारा जवाब दिया है। उन्होंने इसे ‘समय की मांग’ बताते हुए सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होकर समर्थन देने का आह्वान किया।



