कुपोषण उन्मूलन के लिए ‘पोषण 2.0’ पर राज्य सरकार का फोकस, आंगनबाड़ी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की प्राथमिकताओं के अनुरूप राज्य में कुपोषण उन्मूलन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के लिए “पोषण 2.0” के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में प्रयास तेज किए जा रहे हैं। इसी क्रम में आज महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव ने राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में विभागीय कार्यों की समीक्षा की।

बैठक में डॉ. श्रीवास्तव ने आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि फंड के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए और निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार कर उसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।

आंगनबाड़ी केंद्रों के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए उन्नयन कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। साथ ही, कार्यकर्ताओं के मानदेय एवं भत्तों के भुगतान में देरी न हो, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। रिक्त पदों की शीघ्र पूर्ति को भी प्राथमिकता में शामिल किया गया।

समीक्षा के दौरान पोर्टल एंट्री की नियमितता, उपकरणों के रखरखाव और संचालन व्यवस्था की मजबूती जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों से कहा गया कि इन सभी पहलुओं पर निरंतर निगरानी रखी जाए ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी बना रहे।

बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए कुपोषण मुक्ति की स्पष्ट और ठोस रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए। इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सभी योजनाओं का लाभ अंतिम हितग्राही तक पहुंचे और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।

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