प्रधानमंत्री 29 अप्रैल को करेंगे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन, यूपी के 12 जिलों को मिलेगा हाई-स्पीड कॉरिडोर का लाभ

देश की बुनियादी संरचना को नई मजबूती प्रदान करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी 29 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में ‘गंगा एक्सप्रेसवे’ का लोकार्पण करेंगे। लगभग 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह महत्वाकांक्षी परियोजना भारत के विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है। उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री एक विशाल जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
594 किलोमीटर लंबा यह 6-लेन एक्सेस-नियंत्रित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, जिसे भविष्य में 8-लेन तक बढ़ाया जा सकता है, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से को पूर्वी छोर से जोड़ने का काम करेगा। यह मेरठ से शुरू होकर बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज तक जाएगा। इस कॉरिडोर के चालू होने से मेरठ और प्रयागराज के बीच लगने वाला 10-12 घंटे का समय घटकर मात्र 6 घंटे रह जाएगा।
इस एक्सप्रेसवे की एक अन्य महत्वपूर्ण विशेषता इसकी सामरिक क्षमता है। शाहजहांपुर जिले में 3.5 किलोमीटर लंबी एक आपातकालीन हवाई पट्टी का निर्माण किया गया है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भारतीय वायुसेना के विमानों की लैंडिंग में सहायक होगी। इसके साथ ही, मार्ग में पड़ने वाले 12 जिलों में करीब 2,635 हेक्टेयर क्षेत्र में लॉजिस्टिक और विनिर्माण गलियारे विकसित किए जाएंगे, जिससे आपूर्ति श्रृंखला और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा।
आर्थिक और सामाजिक विकास के दृष्टिकोण से यह एक्सप्रेसवे किसानों के लिए भी वरदान साबित होगा। बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से ग्रामीण उत्पादों को शहरी और निर्यात बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी। साथ ही, यह आगरा-लखनऊ और जेवर लिंक जैसे अन्य एक्सप्रेसवे के साथ मिलकर राज्य में एक सुदृढ़ सड़क नेटवर्क की रीढ़ बनेगा, जिससे पर्यटन और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।



