पीएम मोदी ने सिक्किम को बताया ‘पूर्व का स्वर्ग’, कहा- बिना ऑर्किड देखे अधूरी है सुंदरता की अनुभूति

सिक्किम के 50वें राज्यत्व दिवस के समापन उत्सव में शामिल हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत की जमकर तारीफ की। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में पूर्वोत्तर के राज्यों को ‘हिंदुस्तान की अष्टलक्ष्मी’ संबोधित किया और कहा कि इन राज्यों का विकास देश की प्रगति के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों और राजमार्गों के जाल का विशेष उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री ने सिक्किम की जैव-विविधता को राज्य की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि सिक्किम का छोटा भौगोलिक क्षेत्र होने के बावजूद यहाँ भारत की एक-चौथाई पुष्प विविधता पाई जाती है। ऑर्किड्स का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “अगर आपने यहाँ के ऑर्किड नहीं देखे, तो आपने असली सुंदरता के दर्शन नहीं किए।” उन्होंने सिक्किम को ‘ऑर्किड्स का बगीचा’ बताते हुए इसे वैश्विक पर्यटन के मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण गंतव्य बताया।
युवा शक्ति और खेलों पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सिक्किम के युवाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता सिद्ध की है। उन्होंने कहा कि सरकार खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से तीरंदाजी और फुटबॉल जैसे खेलों को नई ऊंचाइयां देने के लिए प्रतिबद्ध है। स्थानीय खेल सुविधाओं के आधुनिकीकरण और राज्य की खेल अकादमियों के पुनरुद्धार पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सिक्किम प्रीमियर लीग जैसे प्रयास खिलाड़ियों के कौशल में सुधार लाने में सहायक सिद्ध होंगे।
सिक्किम की सामाजिक व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री ने वहां के लोगों की सौम्यता और अनुशासित जीवनशैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि बंगाल चुनाव की गहमागहमी के बाद सिक्किम की शांति और आध्यात्मिकता ने उन्हें बेहद प्रभावित किया है। स्वच्छता के ऊंचे मानकों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सिक्किम के लोग पर्यावरण संरक्षण के मामले में देश के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने रोड शो के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि हाथों में तिरंगा थामे लोगों का उत्साह यह दर्शाता है कि सिक्किम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को पूरी निष्ठा से जी रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब समाज को बांटने की कोशिशें होती हैं, सिक्किम की एकता और सौहार्द पूरे भारत के लिए एक अनुकरणीय मिसाल पेश करता है।



