बंगाल में भयमुक्त शासन और विकास के नए अध्याय की शुरुआत, डॉ. मुखर्जी का सपना हुआ साकार: प्रधानमंत्री मोदी

सोमवार शाम नई दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए चार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के चुनावी नतीजों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के परिणामों को राज्य के भविष्य के लिए एक ‘नया सूर्योदय’ करार दिया। उन्होंने कहा कि आज देश के 20 से अधिक राज्यों में भाजपा और एनडीए की गठबंधन सरकारें काम कर रही हैं। ‘नागरिक देवो भवः’ के मूल मंत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा के प्रति जनता का बढ़ता विश्वास सुशासन और निरंतर हो रहे विकास का परिणाम है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बंगाल की समृद्धि और शक्ति का जो सपना दशकों से अधूरा था, उसे राज्य की जनता ने भाजपा को अवसर देकर पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 4 मई की तारीख बंगाल के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है, जिससे राज्य अब डर के माहौल से बाहर निकलकर विकास के पथ पर अग्रसर होगा। इस दौरान उन्होंने जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहा कि उनके ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ के सिद्धांत और बंगाल को भारत का अभिन्न अंग बनाए रखने के संघर्ष को आज सच्ची सार्थकता मिली है।

सांस्कृतिक गौरव का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वंदे मातरम् के 150वें वर्ष में बंगाल के मतदाताओं ने ऋषि बंकिम चंद्र चटर्जी और श्री अरबिंदो को ऐतिहासिक श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने बंगाल की जनता को भरोसा दिलाया कि भाजपा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में ही आयुष्मान भारत योजना को मंजूरी दी जाएगी। साथ ही, महिलाओं की सुरक्षा, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने, पलायन रोकने और घुसपैठियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने का संकल्प भी दोहराया।

अंत में प्रधानमंत्री भावुक नजर आए और उन्होंने इस सफलता को उन कार्यकर्ताओं को समर्पित किया जिन्होंने बंगाल और केरल जैसे राज्यों में भारी विपरीत परिस्थितियों और हिंसा का सामना किया है। उन्होंने कहा कि बंगाल में भाजपा की इस उपलब्धि का वास्तविक श्रेय उन कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों को जाता है जिन्होंने तमाम अत्याचार सहकर भी पार्टी का झंडा बुलंद रखा। प्रधानमंत्री के अनुसार, भले ही शाम ढल रही हो, लेकिन यह बंगाल की धरती पर एक नई और सकारात्मक शुरुआत का संकेत है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button