मौसम अपडेट :

राजस्थान में विकसित हुए एक चक्रवाती तंत्र और देश के मध्य भाग से होकर गुजर रही ट्रफ लाइन ने मई की भीषण गर्मी के बीच मानसून जैसा माहौल बना दिया है। पिछले 24 घंटों में बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में आंधी और ओलावृष्टि के कारण सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बिहार में आकाशीय बिजली गिरने से हुई 23 मौतों और उत्तर प्रदेश में विभिन्न हादसों में 8 लोगों की मृत्यु ने प्रशासन को हाई अलर्ट पर ला दिया है।
बिहार के 18 जिलों में आज भी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर प्रदेश में आंधी के चलते हुए ढांचागत नुकसान के बीच पीलीभीत और गाजीपुर से दुखद खबरें सामने आईं। मध्य प्रदेश में भी स्थिति अलग नहीं है, जहां मई की गर्मी के स्थान पर ओलावृष्टि और तेज आंधी का दौर जारी है। भोपाल सहित 39 जिलों में आज भी मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है, जहां सोमवार को भी 15 जिलों में ओले गिरे थे।
तापमान के आंकड़ों ने इस बार विशेषज्ञों को भी चौंका दिया है। हिमाचल प्रदेश में मई के महीने में ‘शीत लहर’ जैसा अनुभव हो रहा है। सोलन में न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले कई दशकों का रिकॉर्ड है। राजस्थान में भी तेज हवाओं और बारिश के कारण अधिकतम तापमान में औसतन 8 डिग्री की कमी आई है, जिससे लोगों को गर्मी से बड़ी राहत तो मिली है, लेकिन आंधी और ओलों ने फसलों और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है।
उत्तराखंड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों, विशेषकर केदारनाथ में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है, जिससे चारधाम यात्रा पर भी असर पड़ रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 6 मई को उत्तर-पश्चिमी भारत के मैदानी इलाकों में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं, 7 मई को झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे पूर्वी राज्यों में बिजली गिरने और तेज गर्जना के साथ बारिश होने का खतरा बना रहेगा। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी हल्की वर्षा की उम्मीद जताई गई है।



