मौसम विभाग का अलर्ट: 28 जिलों में आंधी-तूफान की आशंका, 10 मई के बाद फिर तपेगा उत्तर भारत

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, देश के बड़े हिस्से में वर्तमान में दो सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण अस्थिरता बनी हुई है। मध्य प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहाँ आने वाले दिनों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और तेज बारिश की संभावना है। जहाँ एक ओर पहाड़ों पर बर्फबारी हो रही है, वहीं मैदानी इलाकों में बारिश ने गर्मी के प्रभाव को कम कर दिया है।
मध्य और पूर्वी भारत का हाल मध्य प्रदेश के 28 जिलों में आज शाम तेज आंधी और बारिश का पूर्वानुमान है। यहाँ दो सिस्टम एक साथ सक्रिय होने के कारण मौसम में अचानक बदलाव की स्थिति बनी हुई है। झारखंड में भी बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी और एक सक्रिय ट्रफ लाइन के प्रभाव से रांची सहित कई जिलों में तापमान 5°C तक गिर गया है। बिहार के 15 जिलों में मौसम विभाग ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी करते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मैदानी और पहाड़ी राज्यों की स्थिति
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उत्तर प्रदेश: बाराबंकी में सर्वाधिक 72 मिमी बारिश दर्ज की गई है। लखनऊ और आगरा में मई का महीना पिछले वर्षों की तुलना में काफी ठंडा रहा है।
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राजस्थान: उदयपुर संभाग में वर्षा के बाद तापमान में 2° से 3°C की गिरावट आई है। केवल बाड़मेर वर्तमान में राज्य का सबसे गर्म स्थान बना हुआ है।
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उत्तराखंड: राज्य के सभी पहाड़ी जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी है। ऊंची चोटियों पर बर्फबारी का दौर जारी रहने से निचले इलाकों में भी ठंडक बढ़ गई है।
चक्रवात और भीषण गर्मी के संकेत मौसम वैज्ञानिकों के विश्लेषण के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी अरब सागर के भूमध्यरेखीय क्षेत्र में 10 मई के आसपास एक चक्रवाती परिसंचरण विकसित हो सकता है। यह प्रणाली यदि मजबूत होती है, तो इसे मई महीने में एक दुर्लभ मौसमी घटना माना जाएगा। हालांकि, राहत की यह फुहारें 10 मई के बाद थम सकती हैं, जिसके बाद उत्तर भारत के राज्यों में गर्मी का प्रकोप फिर से लौटने की प्रबल संभावना है। अगले दो दिनों तक झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने ऐहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं।



