भारत और जापान के बीच स्वास्थ्य और क्वांटम तकनीक पर महत्वपूर्ण समझौता, रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई धार

भारत और जापान ने विज्ञान, नवाचार और उच्च तकनीक के क्षेत्र में अपने द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देते हुए स्वास्थ्य अनुसंधान और क्वांटम प्रौद्योगिकी पर कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह विकास दोनों देशों की रणनीतिक भागीदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इन समझौतों को केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और जापान की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति मंत्री किमी ओनोडा के बीच नई दिल्ली में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान अंतिम रूप दिया गया।
स्वास्थ्य और चिकित्सा उपकरणों के क्षेत्र में संयुक्त प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए ‘जापान एजेंसी फॉर मेडिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट’ ने भारत के ‘इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च’ (ICMR) और ‘विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग’ (DST) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) साझा किया है। इस साझेदारी का उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में अनुसंधान को तेज करना और आधुनिक स्वास्थ्य उपकरणों के विकास के लिए एक साझा मंच तैयार करना है।
इसके साथ ही, भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए दोनों देशों ने क्वांटम विज्ञान और प्रौद्योगिकी में सहयोग के लिए ‘आशय पत्र’ (LoI) पर भी हस्ताक्षर किए। यह समझौता जापान के कैबिनेट कार्यालय और भारत के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मध्य हुआ है। इससे अगली पीढ़ी की तकनीकों में न केवल संयुक्त शोध के रास्ते खुलेंगे, बल्कि दोनों देशों के वैज्ञानिक और विशेषज्ञ अत्याधुनिक अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं पर मिलकर काम कर सकेंगे।
सरकारी आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह हालिया सहयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वर्ष 2025 में हुई जापान यात्रा के दौरान तय किए गए साझा विजन का ही विस्तार है। उस समय दोनों राष्ट्रों के नेतृत्व ने विज्ञान और नवाचार के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को सुदृढ़ करने पर विशेष सहमति जताई थी। वर्तमान बैठक इसी रणनीतिक रोडमैप को आगे बढ़ाने का काम कर रही है।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने जोर देकर कहा कि जापान की उत्कृष्ट तकनीकी विशेषज्ञता और भारत के पास उपलब्ध कुशल मानव संसाधन एक-दूसरे के लिए पूरक की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत वर्तमान में क्वांटम तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा, साइबर-फिजिकल सिस्टम और एडवांस्ड कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में तेजी से प्रगति कर रहा है, जिससे दोनों देशों के लिए संयुक्त परियोजनाओं की व्यापक संभावनाएं निर्मित हुई हैं।
जापान की मंत्री किमी ओनोडा ने भारत की तीव्र आर्थिक विकास दर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में बढ़ते भारत के प्रभाव की प्रशंसा की। चर्चा के दौरान दोनों पक्षों ने स्वास्थ्य क्षेत्र में क्षमता निर्माण, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं के लिए एक प्रभावी वित्तीय तंत्र विकसित करने और आपसी सहयोग के भविष्य के ढांचे पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया।



