मध्य प्रदेश कैबिनेट का बड़ा फैसला: ₹38,555 करोड़ की वित्तीय योजनाओं को मंजूरी और राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए ₹38,555 करोड़ की विशाल वित्तीय राशि को हरी झंडी दी गई। इस बैठक में जन-कल्याण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए, जिनमें व्यापारियों के हितों के लिए ‘राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड’ की स्थापना और ‘दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन’ जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं।
सड़क और बुनियादी ढांचे पर ₹32,405 करोड़ का निवेश कैबिनेट ने 16वें वित्त आयोग की अवधि (2026-2031) के दौरान बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए सबसे बड़ी राशि आवंटित की है। इसके तहत सड़क निर्माण, ग्रामीण मार्गों के उन्नयन और सरकारी आवासों के रखरखाव के लिए ₹32,405 करोड़ के प्रावधान को मंजूरी दी गई है। इसमें ग्रामीण और जिला मार्गों के विकास के लिए ₹24,300 करोड़ और सड़क सुरक्षा कार्यों के लिए ₹610 करोड़ सुरक्षित किए गए हैं।
कृषि और सामाजिक सुरक्षा के लिए बड़े प्रावधान प्रदेश को दलहन उत्पादन में अग्रणी बनाने के लिए ₹2,442.04 करोड़ की लागत से ‘दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन’ शुरू किया जाएगा। यह मिशन आगामी 5 वर्षों (1 अप्रैल 2026 से 2031) तक चलेगा, जिसका लक्ष्य उन्नत बीजों की उपलब्धता और बेहतर प्रसंस्करण तकनीक विकसित करना है। साथ ही, महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत ₹2,412 करोड़ की स्वीकृति दी गई है, जिससे 1,500 नए आंगनवाड़ी केंद्र बनाए जाएंगे और ‘मिशन वात्सल्य’ के जरिए जरूरतमंद बच्चों का संरक्षण सुनिश्चित होगा।
व्यापारी कल्याण बोर्ड और आईटी सेक्टर को बढ़ावा व्यापारिक समुदाय की समस्याओं के समाधान और सरकार से संवाद के लिए ‘राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड’ का गठन किया गया है, जिसके अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होंगे। इसके अलावा, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र के लिए ₹1,295.52 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसके अंतर्गत भोपाल के बांदीखेड़ी में 209.47 एकड़ में एक नया इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित किया जाएगा और ‘स्वान’ (SWAN) योजना के तहत प्रदेश के सभी शासकीय कार्यालयों को सुगम संचार नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।


