सांस्कृतिक पुनरुत्थान की ओर बढ़ते कदम: सीएम डॉ. यादव ने भोपाल से सोमनाथ के लिए तीर्थयात्रियों के दल को किया रवाना

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के तहत विशेष तीर्थ यात्रा ट्रेन को रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने सोमनाथ मंदिर को भारतीय आस्था और गौरव का केंद्र बताते हुए कहा कि इसकी हर ईंट भारत के पुनरुत्थान की गाथा सुनाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश अपनी विरासत के विकास की यात्रा पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि सोमनाथ पर एक हजार वर्ष पूर्व 1026 में पहली बार विदेशी आक्रमण हुआ था। उसी आक्रमण के एक हजार साल पूरे होने पर वर्ष 2026 में ‘स्वाभिमान पर्व’ मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या धाम से लेकर मथुरा और कालीघाट तक सनातन संस्कृति की ध्वजा लहरा रही है। मुख्यमंत्री ने यात्रियों को जल कलश और ध्वजा सौंपी, जिसे लेकर श्रद्धालु सोमनाथ महादेव का जलाभिषेक करेंगे।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री को श्रद्धालुओं द्वारा त्रिशूल भेंट किया गया। डॉ. यादव ने कहा कि यह यात्रा केवल एक तीर्थ भ्रमण नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने का माध्यम है। उन्होंने प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि राज्य में 13 धार्मिक ‘लोक’ विकसित किए जा रहे हैं। उज्जैन के महाकाल महालोक ने न केवल पर्यटन को बढ़ावा दिया है, बल्कि स्थानीय होटल, ऑटो चालकों और छोटे व्यवसायियों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार किया है।
इस विशेष यात्रा में मध्य प्रदेश के मालवा और मध्य क्षेत्र के विभिन्न जिलों से करीब 1,100 श्रद्धालु शामिल हुए हैं। विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश के धार्मिक स्थलों को उनका खोया हुआ वैभव वापस मिल रहा है। यह दल 11 मई तक अपनी यात्रा पूरी कर वापस लौटेगा। कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने ढोल-नगाड़ों के साथ इस गौरवमयी यात्रा का स्वागत किया।



