सुशासन और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बना ‘अटल भवन’, भोपाल के मेट्रोपॉलिटन स्वरूप को मिलेगी नई गति

मध्य प्रदेश की राजधानी को एक बड़ी सौगात देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नगर निगम के नवनिर्मित 8 मंजिला मुख्यालय ‘अटल भवन’ का लोकार्पण किया। लगभग 73 करोड़ रुपये की लागत से बने इस आधुनिक परिसर में नगर निगम के सभी विभाग अब एक ही छत के नीचे संचालित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जनसेवा को शासन का मूल मंत्र बनाया था, उसी भावना के साथ यह सुव्यवस्थित केंद्र जनता की सेवा करेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने भोपाल की ऊर्जा जरूरतों के लिए नीमच के देवरी में स्थापित 10.5 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना का भी उद्घाटन किया। यह परियोजना ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का एक बड़ा कदम है, क्योंकि नए मुख्यालय की बिजली आपूर्ति इसी संयंत्र से सुनिश्चित की जाएगी। डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय वास्तुकला के सिद्धांतों पर आधारित इस भवन में ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का अद्भुत तालमेल दिखाई देता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की प्रशंसा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश में सांस्कृतिक गौरव और विकास की लहर एक साथ चल रही है। उन्होंने अनुच्छेद 370 के हटने के बाद कश्मीर में आए सकारात्मक बदलाव और अयोध्या में श्रीराम मंदिर की स्थापना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन निर्णयों से आम नागरिकों का आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार वर्तमान में ‘कृषक कल्याण वर्ष’ मना रही है और किसानों की उन्नति के लिए प्रतिबद्ध है।
लोकार्पण के इस अवसर पर महापौर मालती राय ने बताया कि 2 लाख वर्ग फुट में फैला यह भवन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ‘सफाई मित्रों’ का सम्मान करते हुए उन्हें सुरक्षा किट प्रदान किए और प्रधानमंत्री आवास योजना व पीएम स्वनिधि के पात्र हितग्राहियों को लाभ पत्रों का वितरण किया। समारोह में प्रभारी मंत्री चेतन्य काश्यप, राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी और विधायक रामेश्वर शर्मा सहित जिले के अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। यह आयोजन भोपाल को एक वैश्विक और सुव्यवस्थित महानगर बनाने के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।



