गेहूँ खरीदी की समय-सीमा में विस्तार: किसानों को प्रति क्विंटल मिलेगा 2625 रुपये का मूल्य, व्यवस्थाएं हुईं दुरुस्त

मध्य प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत ने राज्य में जारी गेहूँ उपार्जन प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए खरीदी केंद्रों पर सुविधाओं और समय-सीमा में महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की है। किसानों की सुविधा के लिए अब 23 मई 2026 तक गेहूँ की खरीदी की जाएगी। मंत्री ने बताया कि प्रदेश में किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है, जिसके तहत समर्थन मूल्य और बोनस मिलाकर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है।
उपार्जन केंद्रों पर बढ़ती भीड़ और तौल की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कार्यप्रणाली में बदलाव किए गए हैं। अब किसान रात 10 बजे तक अपनी तौल पर्ची बनवा सकेंगे, जिससे दिनभर के काम के बाद भी उन्हें पर्याप्त समय मिल सके। केंद्रों पर हम्माल, सिलाई मशीन, कंप्यूटर और इंटरनेट जैसी बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ उपज की सफाई के लिए पंखे और छन्नों का प्रबंध भी किया गया है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इन सुविधाओं के फोटोग्राफ केंद्र सरकार के PCSAP पोर्टल पर भी अपलोड किए जा रहे हैं।
मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि किसानों के कल्याण के लिए अब तक 9525 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से किया जा चुका है। केंद्रों पर भीषण गर्मी को देखते हुए पेयजल, बैठने के लिए छायादार स्थान और अन्य जनसुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। सर्वर की समस्या को दूर करने के लिए एनआईसी सर्वर की कार्यक्षमता को बढ़ाया गया है, जिससे 14.81 लाख किसानों को स्लॉट बुकिंग में सुगमता हुई है।
सुरक्षित भंडारण और पैकिंग को लेकर मंत्री ने जानकारी साझा की कि उपार्जित अनाज को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त गोदामों की व्यवस्था है। गेहूँ की भराई के लिए जूट बारदानों के साथ-साथ आधुनिक पीपी बैग्स का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि विभाग हर घंटे की रिपोर्टिंग के माध्यम से पूरी प्रक्रिया पर नजर रख रहा है ताकि अंतिम पात्र किसान तक इस योजना का लाभ पहुंच सके।



