मौसम अपडेट :

मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी आगामी दो दिनों के बुलेटिन के अनुसार, 16 मई को पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में धूलभरी आंधी और वर्षा होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में ओलावृष्टि के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ में बिजली गिरने की आशंका है। इसके विपरीत, 17 मई को राजस्थान में तीव्र लू (गंभीर हीटवेव) चलने का अनुमान है, जिससे रात के समय भी अत्यधिक गर्मी महसूस होगी। इसके साथ ही मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में लू का प्रकोप जारी रहेगा, जबकि दक्षिण भारतीय राज्यों जैसे केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है।
उत्तर प्रदेश में बुधवार को आए विनाशकारी आंधी-तूफान और बेमौसम बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य भर में कुल 111 लोगों की असामयिक मृत्यु हो गई। इस प्राकृतिक विपदा का सबसे भयावह असर प्रयागराज और भदोही जिलों में देखने को मिला, जहां क्रमशः 21 और 17 लोगों की जान चली गई। इस भीषण हादसे पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, शुक्रवार को भी सूबे के आगरा और नोएडा सहित लगभग 37 जिलों में मौसम खराब रहने की आशंका है, जहां 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से अंधड़ चल सकता है।
उत्तर प्रदेश में आपदा के इस माहौल के बीच, देश का एक बड़ा हिस्सा इस समय भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहा है। देश के आधे से अधिक भूभाग पर हीटवेव की स्थिति बनी हुई है। गुरुवार को महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के स्तर को लांघ गया। इस दौरान महाराष्ट्र का अकोला क्षेत्र 45.9 डिग्री सेल्सियस के साथ देश का सबसे तप्त स्थान बनकर उभरा। इसके साथ ही वर्धा, जलगांव और अमरावती जैसे शहरों में भी पारा 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
राजस्थान में भीषण गर्मी का सिलसिला लगातार जारी है और वहां का औसत तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। पिछले सत्र में फलोदी में अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि जैसलमेर और बाड़मेर में यह 45.1 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके अलावा श्रीगंगानगर में 44.8 डिग्री सेल्सियस और जोधपुर में 44 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। जयपुर, बीकानेर और नागौर में दिनभर लू जैसी स्थिति रहने के पश्चात शाम को हुई वर्षा से लोगों को गर्मी से आंशिक राहत मिली। विभाग ने शुक्रवार को राज्य के 10 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है।
केंद्रीय और पूर्वी भारत के राज्यों में भी मौसम के अलग-अलग रूप देखे जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश का बांदा जिला 45.2 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म क्षेत्र रहा, जबकि गुजरात के भावनगर में भी तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश के खंडवा में पारा 44.5 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं सूबे के खरगोन, शाजापुर, नौगांव, रतलाम, खजुराहो, रायसेन और दमोह सहित 9 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घरों के भीतर रहने की सलाह दी है। बिहार में कैमूर जिला 41 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि मौसम विभाग ने राज्य के 19 जिलों में तेज हवाओं और कड़कड़ाती बिजली के साथ बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
इसके साथ ही देश के अन्य हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग समेत 8 पहाड़ी जिलों में बर्फबारी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है, जबकि मैदानी इलाकों में तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी का अनुमान है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सुबह से बारिश का दौर जारी है, हालांकि विभाग ने चेतावनी दी है कि 17 मई से राज्य में हीटवेव की स्थिति बनेगी। हरियाणा के 12 शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंच चुका है और वहां के 8 जिलों में गरज-चमक का पूर्वानुमान है। झारखंड में आगामी 20 मई तक रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। वहीं पंजाब के बठिंडा में तापमान 42.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है और आज चंडीगढ़ सहित 6 जिलों में आंधी-पानी का ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है।



