ट्राई ने डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग के नियमों में किया संशोधन, एनबीसीएस-2026 के नए प्रावधानों के साथ नीति प्रभावी

भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़ी संपत्तियों की रेटिंग प्रणाली को और अधिक प्रासंगिक बनाने के लिए ‘डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए संपत्तियों की रेटिंग (संशोधन) विनियम, 2026’ जारी कर दिए हैं। इस नए कदम के तहत नियामक ने साल 2016 के पुराने नियमों में जरूरी बदलाव करते हुए ‘राष्ट्रीय भवन निर्माण मानक (NBCS), 2026’ को इसके दायरे में शामिल किया है। इसके साथ ही पुराने पड़ चुके नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC) के संदर्भों को पूरी तरह से हटाकर उनके स्थान पर नए एनबीसीएस प्रावधानों को लागू कर दिया गया है।

प्राधिकरण द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, ये संशोधित नियम मुख्य रूप से उन प्रॉपर्टी मैनेजरों के लिए अनिवार्य होंगे जो अपनी इमारतों या संपत्तियों में डिजिटल कनेक्टिविटी के स्तर को परखने के लिए रेटिंग अथवा ऑडिट कराने के इच्छुक हैं। इसके अलावा, डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग देने वाली तमाम एजेंसियां, इन-बिल्डिंग सॉल्यूशन (IBS) उपलब्ध कराने वाली कंपनियां और देश के सभी दूरसंचार सेवा प्रदाता भी इस नीतिगत दायरे के अंतर्गत काम करेंगे। यह नियमावली उन सर्विस प्रोवाइडर्स पर भी पूरी तरह लागू होगी जो अपनी दूरसंचार सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से विभिन्न संपत्तियों के डिजिटल संचार ढांचे और आईबीएस के साथ अपने नेटवर्क को जोड़ते हैं।

इस संशोधन की मुख्य वजहों को स्पष्ट करते हुए ट्राई ने बताया कि नए बदलावों का प्राथमिक उद्देश्य मौजूदा नियमों को अधिक सरल और स्पष्ट बनाना है। इसके माध्यम से नीतियों के जमीनी क्रियान्वयन को बेहतर करने, कामकाज में पारदर्शिता लाने और जवाबदेही तय करने में मदद मिलेगी। नियामक को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से क्षेत्र के सभी हितधारकों की भागीदारी में भी बढ़ोतरी होगी। इसके तहत इमारतों के भीतर एक ऐसा मजबूत, टिकाऊ और बिना किसी भेदभाव वाला डिजिटल संचार ढांचा तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है जो आने वाले समय की तकनीकी जरूरतों को पूरा कर सके। हालांकि, इस पूरे बदलाव के बाद भी डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग ढांचे के बुनियादी सिद्धांतों और मूल उद्देश्यों में कोई फेरबदल नहीं किया गया है।

दूरसंचार नियामक ने यह भी साझा किया है कि उद्योग के विभिन्न पक्षों और अंशधारकों से मिले सुझावों तथा अब तक के व्यावहारिक अनुभवों को इस संशोधन में शामिल किया गया है। इन सभी नए नियमों को समाहित करते हुए एक संशोधित रेटिंग मैनुअल भी तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर आम जनता और संबंधित संस्थाओं के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा।

नियामक के आधिकारिक बयान के अनुसार, ये सभी संशोधित नियम ट्राई की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं और इन्हें 13 मई 2026 से पूरे देश में प्रभावी मान लिया गया है। इस पूरे विषय पर किसी भी प्रकार के तकनीकी परामर्श या अतिरिक्त जानकारी के लिए संबंधित पक्ष ट्राई के सलाहकार (क्यूओएस-1) तेजपाल सिंह से उनके आधिकारिक फोन नंबर +91-11-20907759 या ईमेल आईडी adv-qos1@trai.gov.in के माध्यम से सीधे संपर्क स्थापित कर सकते हैं।

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