नीदरलैंड में भारतीय प्रवासियों का अभूतपूर्व स्वागत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को सराहा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच दिवसीय कूटनीतिक यात्रा के दूसरे चरण में शुक्रवार शाम को नीदरलैंड पहुंचे, जहां प्रवासी भारतीय समुदाय ने उनका अत्यंत गर्मजोशी से स्वागत किया। शनिवार को प्रधानमंत्री ने इस भव्य अगवानी की कुछ विशेष तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा किए। उन्होंने प्रवासियों के इस स्नेह को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि डच धरती पर भारतीय समुदाय द्वारा किया गया स्वागत वास्तव में अद्भुत था। प्रधानमंत्री ने बताया कि स्वागत समारोह के दौरान भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली, जिसमें कथक, ओडिसी, भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी और मोहिनीअट्टम जैसे शास्त्रीय नृत्यों के साथ-साथ पारंपरिक गरबा की भी शानदार प्रस्तुतियां शामिल थीं।
इस कूटनीतिक दौरे के तय कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ एक उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक में हिस्सा लेंगे। इसके अतिरिक्त, वह नीदरलैंड के शाही परिवार के सदस्यों, किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से भी शिष्टाचार मुलाकात करेंगे। अपने इस आधिकारिक प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री का वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों को संबोधित करने और नीदरलैंड के शीर्ष व्यापारिक नेताओं (बिजनेस लीडर्स) के साथ गोलमेज बैठक करने का भी कार्यक्रम है, जिससे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई गति दी जा सके।
प्रधानमंत्री मोदी 17 मई तक नीदरलैंड के दौरे पर रहेंगे। वर्ष 2017 के बाद यह उनका नीदरलैंड का दूसरा आधिकारिक दौरा है। कूटनीतिक जानकारों के अनुसार, यह यात्रा भारत और नीदरलैंड के द्विपक्षीय संबंधों के एक अत्यंत महत्वपूर्ण मोड़ पर हो रही है, जिससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक और तकनीकी सहयोग के एक नए युग की शुरुआत होने की उम्मीद है। यूरोप में भारत की रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी पैठ को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस बहु-देशीय कूटनीतिक यात्रा के तहत प्रधानमंत्री शुक्रवार को यहां पहुंचे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री के आगमन की आधिकारिक पुष्टि की। उन्होंने अपने संदेश में लिखा कि प्रधानमंत्री मोदी नीदरलैंड की धरती पर पहुंच चुके हैं, और यह दौरा न केवल दोनों देशों के बहुआयामी संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ करेगा, बल्कि यूरोप के सबसे बड़े भारतीय प्रवासी समुदायों में से एक के साथ सीधा संवाद स्थापित करने का एक बेहतरीन मंच भी साबित होगा।
इससे पहले नई दिल्ली में आयोजित एक विशेष प्रेस ब्रीफिंग के दौरान, विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने दोनों देशों के प्रगाढ़ होते संबंधों पर प्रकाश डाला था। उन्होंने रेखांकित किया कि पिछले कुछ वर्षों में पारंपरिक व्यापार और निवेश के साथ-साथ जल प्रबंधन, कृषि और स्वास्थ्य सेवा जैसे बुनियादी क्षेत्रों में दोनों देशों की भागीदारी काफी मजबूत हुई है। उन्होंने आगे कहा कि हाल के समय में आधुनिक तकनीक, नवाचार, रक्षा, सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा और समुद्री जैसे अत्यंत संवेदनशील और रणनीतिक क्षेत्रों में भी दोनों देशों ने मिलकर उल्लेखनीय प्रगति की है।
भारत और नीदरलैंड के बीच के मजबूत संबंधों की एक मुख्य धुरी वहां रह रहे प्रवासी भारतीय भी हैं। आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में नीदरलैंड में 90,000 से अधिक अनिवासी भारतीय (एनआरआई) और भारतीय मूल के लोग निवास करते हैं। इसके अलावा, वहां सूरीनामी हिंदुस्तानी समुदाय के भी 2,00,000 से अधिक सदस्य सक्रिय भूमिका में हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी दोनों देशों का बढ़ता तालमेल इस बात से स्पष्ट होता है कि इस समय नीदरलैंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों में लगभग 3,500 भारतीय छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।



