ग्रामीण विकास में ग्राम रोजगार सहायकों की भूमिका महत्वपूर्ण, राज्य सरकार मानदेय और सुविधाओं में वृद्धि पर करेगी विचार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित ग्राम रोजगार सहायकों के राज्य स्तरीय महासम्मेलन को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और गांवों को आत्मनिर्भर बनाने में ग्राम रोजगार सहायक बेहद महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने रोजगार सहायकों के काम की तुलना हनुमान जी के सेवा भाव से करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार उनके हितों की रक्षा और संवर्धन के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
महासम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रोजगार सहायक प्रदेश की ग्राम पंचायतों में प्रगति के मुख्य आधार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ के सपने को धरातल पर उतारने में इन सहायकों ने अग्रिम भूमिका निभाई है। सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आए बदलाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को आज प्रधानमंत्री मोदी की डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) व्यवस्था से मजबूती मिली है। लाभार्थियों के खातों में सीधे राशि पहुंचाने के इस कार्य को सफल बनाने का श्रेय जमीनी स्तर पर काम कर रहे रोजगार सहायकों और पंचायत सचिवों को जाता है।
मुख्यमंत्री ने समाज के अंतिम छोर पर खड़े गरीब और जरूरतमंद व्यक्तियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में इस वर्ग की कार्यकुशलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिला, किसान, युवा और गरीब कल्याण की दिशा में सरकार की योजनाओं, विशेषकर ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन’ (वीबी जी-राम-जी) के सफल क्रियान्वयन में ग्राम सहायकों की सूझबूझ और पुरुषार्थ दिखाई देता है। इसी दौरान किसानों के हित में एक बड़ी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गेहूं उपार्जन के लिए जिन किसानों के स्लॉट 23 मई तक बुक थे, उनके लिए खरीदी की समय सीमा को आवश्यकतानुसार 28 मई तक बढ़ाने का प्रबंध किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संरक्षण के क्षेत्र में मध्य प्रदेश को मिले गौरव का श्रेय भी ग्राम सहायकों की मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुओं, बावड़ियों, तालाबों और नदियों के पुनरुद्धार तथा आम जनता को जल स्रोतों के संरक्षण के लिए जागरूक करने में रोजगार सहायक पूरी निष्ठा से जुटे हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। सहायकों की मांगों और कल्याण पर बात करते हुए उन्होंने आश्वस्त किया कि पूर्व में पारिश्रमिक दोगुना करने के बाद अब राज्य सरकार उनके मानदेय को बढ़ाने और अन्य सुविधाएं देने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। इस संबंध में जनप्रतिनिधियों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर उचित निर्णय लिया जाएगा।
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने एक दुखद घटना का उल्लेख करते हुए आर्थिक सहायता का एलान भी किया। भोपाल आ रहे दो ग्राम रोजगार सहायकों, श्री मीणा और श्री लखन की सड़क दुर्घटना में हुई असामयिक मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्होंने दोनों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की। इसके साथ ही हादसे में गंभीर रूप से घायल सहायक को 1 लाख रुपये और अन्य सामान्य घायलों को इलाज के लिए 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई। इस महासम्मेलन में मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेशचंद्र शर्मा, भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री कुलदीप गुर्जर, रवि भट्ट और राकेश पंडया सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।



