मध्यप्रदेश में यूसीसी को लेकर जन-परामर्श प्रक्रिया शुरू, मुख्यमंत्री ने किया उच्च स्तरीय समिति की आधिकारिक वेबसाइट का विमोचन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की दिशा में जनसामान्य के सुझावों को संकलित करने के लिए तैयार की गई आधिकारिक वेबसाइट की शुरुआत की है। मंत्रालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इस पोर्टल का लोकार्पण करते हुए इसे एक सराहनीय और जनहितैषी प्रयास बताया। इस पहल के साथ ही मध्यप्रदेश देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है जो यूसीसी पर जनता की राय लेने के लिए डिजिटल माध्यम का उपयोग कर रहे हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश की स्वतंत्रता के बाद से ही एक समान पारिवारिक कानून की जरूरत महसूस हो रही थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब राज्यों ने इस दिशा में ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि आम नागरिकों के हितों को सुरक्षित करने के लिए मौजूदा पारिवारिक कानूनों के हर पहलू का बारीकी से अध्ययन आवश्यक है। इस प्रक्रिया में आम जनता, विभिन्न राजनीतिक संगठनों और एनजीओ से मिलने वाले सभी सुझावों को संकलित कर उन पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि मध्यप्रदेश ‘एक राष्ट्र, एक विधान, एक निशान’ के सिद्धांत के प्रति पूरी तरह समर्पित है और अब ‘एक विधि’ (समान कानून) के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। उन्होंने इस दिशा में कार्यरत उच्च स्तरीय समिति के प्रयासों की सराहना की और कहा कि समिति के सदस्यों द्वारा जिलों में किए जाने वाले दौरों से जमीनी स्तर पर फीडबैक जुटाने में काफी मदद मिलेगी।

यह उच्च स्तरीय समिति मुख्य रूप से विवाह, विवाह विच्छेद, भरण-पोषण और उत्तराधिकार जैसे पारिवारिक विषयों से संबंधित विधिक, प्रशासनिक व सामाजिक पहलुओं का गहन अध्ययन करने के लिए बनाई गई है। समिति के अध्ययन और जन-परामर्श के आधार पर ही राज्य में समान नागरिक संहिता को लेकर उपयुक्त सिफारिशें तैयार की जाएंगी। आम लोग समिति द्वारा तैयार पोर्टल https://ucc.mp.gov.in/ पर जाकर अपने विचार सुगमता से साझा कर सकते हैं। इसके लिए सुझाव विंडो 22 मई से खोल दी गई है, जो 15 जून 2026 तक सक्रिय रहेगी।

इस डिजिटल लॉन्चिंग के मौके पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुईं समिति की अध्यक्ष एवं उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्रीमती प्रकाश रचना देसाई ने भी अपनी बात रखी। वहीं, समिति के सचिव श्री अजय कटेसरिया ने समिति की प्रगति रिपोर्ट और भविष्य की रूपरेखा सामने रखी। इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन समेत प्रशासनिक अमले के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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