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मौसम का मिजाज बदला: 29 मई से देश के बड़े हिस्से में प्री-मानसून वर्षा के आसार, पर्वतीय राज्यों में ओलावृष्टि और मैदानी इलाकों में तापमान गिरने की संभावना
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा आकलन के मुताबिक, आगामी शुक्रवार से देश के 15 से ज्यादा राज्यों में जारी प्रचंड गर्मी से नागरिकों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। अगले 72 घंटों के दौरान उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और बिहार के विस्तृत इलाकों में धूलभरी आंधी और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। विशेषकर बिहार के 32 जिलों में मौसम की गंभीरता को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां तेज हवाओं की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके समानांतर, राजस्थान के जयपुर सहित 11 जिलों में भी मौसम विभाग ने अंधड़ और वर्षा की चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 29 मई से 5 जून के मध्य देश के लगभग 80 से 90 फीसदी हिस्सों में प्री-मानसून की बारिश दर्ज की जा सकती है। वर्तमान समय में इस वर्षा का महत्व इसलिए बढ़ गया है क्योंकि मुख्य मानसून की प्रगति अभी रुकी हुई है। केरल में मानसून के प्रवेश की घोषणा के लिए वहां के 14 चिन्हित वेधशालाओं में लगातार दो दिन तक 2.5 मिलीमीटर या उससे अधिक वर्षा होना अनिवार्य शर्त है। पूर्व में मौसम विभाग ने 26 मई को मानसून के केरल पहुंचने की उम्मीद जताई थी, लेकिन दक्षिणी-मध्य अरब सागर के ऊपर बने एक चक्रवाती तंत्र के कारण बादलों की सघनता कम हो गई और नमी कमजोर पड़ने से मानसून आगे नहीं बढ़ सका। इसी बीच, यूरोपीय मौसम एजेंसी (यूरेशियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट्स) द्वारा उपग्रह और वायुमंडलीय आंकड़ों के विश्लेषण के आधार पर जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि आगामी 8 दिनों में दक्षिण भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर राज्यों तथा बंगाल की खाड़ी के ऊपर तुलनात्मक रूप से अधिक वर्षा होने की प्रबल संभावना है।
प्रांतीय स्तर पर मौसमी उतार-चढ़ाव पर नजर डालें तो राजस्थान का श्रीगंगानगर बुधवार को 48.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ देश का सबसे तप्त शहर दर्ज किया गया। इसके साथ ही बीकानेर, चूरू, पिलानी और भीलवाड़ा में भी पारा 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहा। मध्य प्रदेश के हालात भी कमोबेश ऐसे ही हैं, जहां छतरपुर जिले के खजुराहो और नौगांव पिछले 10 दिनों से लगातार सबसे गर्म स्थान बने हुए हैं और यहां तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के स्तर को पार कर गया है। आज राज्य के 46 जिलों में लू का प्रकोप रहेगा, परंतु पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण अगले चार दिनों में बारिश होने से मौसम करवट लेगा।
बिहार के संदर्भ में मौसम कार्यालय ने कड़े सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए राज्य के बड़े हिस्से में वज्रपात और तेज बौछारें पड़ने की आशंका व्यक्त की है, जिससे अगले एक सप्ताह तक तापमान नियंत्रण में रहेगा। उधर, महाराष्ट्र के नागपुर में भीषण गर्मी के जानलेवा होने की आशंका गहरा गई है, जहां बीते तीन दिनों में विभिन्न सार्वजनिक स्थलों, जैसे फ्लाईओवर, रेलवे स्टेशन और सड़कों के किनारे से 16 शव बरामद हुए हैं। प्रशासन का अनुमान है कि नागपुर में बुधवार को रहे 46 डिग्री सेल्सियस के उच्च तापमान और लू के कारण ही इन व्यक्तियों की जान गई होगी। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में आज तेज हवाओं के साथ ओले गिरने का अनुमान है।
दैनिक क्रम के तहत 29 मई को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में गर्मी का असर कम होने की उम्मीद है, जबकि गुजरात और तमिलनाडु के तटीय व आंतरिक इलाकों में उमस भरी गर्मी परेशान करेगी। इस दौरान जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में आंधी-पानी के कारण पारे में 3 से 7 डिग्री सेल्सियस की कमी आएगी। वहीं, 30 मई को मध्य प्रदेश सहित पूरे उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में तापमान में गिरावट का दौर जारी रहेगा। इस दिन उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि के कारण तापमान सामान्य से 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर सकता है, जिससे पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम खुशनुमा हो जाएगा।



