कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 : पैरा एथलेटिक्स की 100 मीटर दौड़ में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन , दिलीप गावित को गोल्ड और बासिल को सिल्वर

राष्ट्रमंडल खेल 2026 की पुरुषों की 100 मीटर टी47 पैरा एथलेटिक्स स्पर्धा में बुधवार देर रात (भारतीय समयानुसार) भारतीय खिलाड़ियों ने नया इतिहास रच दिया। भारतीय एथलीट दिलीप महादु गावित और मोहम्मद बासिल मोर्सिंगनाकथ ने क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक जीतकर देश को दोहरा गौरव दिलाया।
फाइनल मुकाबले में दिलीप महादु गावित ने 10.71 सेकंड के समय के साथ नया गेम्स रिकॉर्ड स्थापित किया और इस सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, मोहम्मद बासिल ने 10.83 सेकंड के सीजन-बेस्ट समय के साथ दूसरा स्थान अर्जित किया। इंग्लैंड के केविन सैंटोस ने 10.85 सेकंड का समय दर्ज कर कांस्य पदक अपने नाम किया।
इस शानदार उपलब्धि के साथ दिलीप गावित राष्ट्रमंडल खेलों के पैरा एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक हासिल करने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले केवल महिला शॉट पुट एफ57 वर्ग में शर्मिला ही यह मुकाम हासिल कर सकी थीं। इस जीत के बाद चालू राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के कुल पदकों का आंकड़ा 15 (3 स्वर्ण, 9 रजत और 3 कांस्य) हो गया है। दिलीप अब स्वर्ण पदक विजेताओं की सूची में दिग्गज वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और पैरा एथलीट शर्मिला के साथ शामिल हो गए हैं।
महाराष्ट्र के नासिक स्थित तोरण डोंगरी गांव के निवासी दिलीप गावित इससे पहले एशियन पैरा गेम्स 2022 की 400 मीटर टी47 प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर भारत के पदकों का शतक पूरा कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने पेरिस 2024 पैरालंपिक खेलों के 400 मीटर टी47 फाइनल में पहुंचकर भी अपनी उत्कृष्ट क्षमता का परिचय दिया था।
रजत पदक जीतने वाले मोहम्मद बासिल केरल के मलप्पुरम जिले के वेलियानकोड तटीय क्षेत्र से आते हैं। वह वर्तमान में अपनी स्नातक की पढ़ाई के साथ-साथ तिरुवनंतपुरम स्थित एलएनसीपीई-साई केंद्र में कोच श्रीनिवासन के मार्गदर्शन में अभ्यास कर रहे हैं। अपने कठिन परिश्रम और अनुशासन के दम पर बासिल देश के सबसे होनहार पैरा धावकों में से एक बनकर उभरे हैं, जिसका प्रमाण उन्होंने इस वैश्विक मंच पर दिया है।



