कर्नाटक में लीडरशिप परिवर्तन: मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा, डीके शिवकुमार के हाथ में कमान आना तय

कर्नाटक के सियासी घटनाक्रम में एक बड़ा मोड़ लेते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को कांग्रेस आलाकमान के आदेश के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके साथ ही राज्य कांग्रेस में लंबे समय से बना हुआ सत्ता संघर्ष समाप्त हो गया है। तय कार्यक्रम के अनुसार सिद्धारमैया ने राजभवन जाकर अधिकारियों को अपना त्यागपत्र सौंपा, क्योंकि राज्यपाल की अनुपस्थिति के कारण सीधे उन्हें इस्तीफा देना संभव नहीं था। पार्टी के भीतर इस बदलाव की रूपरेखा पहले ही तैयार की जा चुकी थी और नेताओं ने स्पष्ट कर दिया था कि आगामी मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार राज्य की बागडोर संभालेंगे।

इस्तीफे के तुरंत बाद मीडियाकर्मियों से मुखातिब होते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि राज्यपाल की अनुपलब्धता और उनके आज देर रात वापस आने की सूचना के चलते उन्होंने नियमानुसार राजभवन के स्टाफ को अपना पत्र दे दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए उन्होंने आज पद से हटने का निर्णय लिया। निवर्तमान मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि उनकी सरकार को 135 निर्वाचित विधायकों के साथ-साथ दो निर्दलीय विधायकों का भी पूर्ण समर्थन प्राप्त था। उन्होंने साफ किया कि इस निर्णय से वे बिल्कुल भी निराश नहीं हैं और जनता के कल्याण के प्रति उनकी जवाबदेही निरंतर बनी रहेगी।

संविधान के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि उनका पूरा कार्यकाल संवैधानिक आदर्शों और सिद्धांतों के अनुरूप ही संचालित हुआ। कर्नाटक की सात करोड़ आबादी के योगदान को सराहते हुए उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें हमेशा अपने परिवार के सदस्य की तरह स्नेह दिया। उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रति विशेष आभार जताते हुए कहा कि शीर्ष नेतृत्व के विश्वास के कारण ही उन्हें राज्य में दो बार मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने और दो बार नेता प्रतिपक्ष के रूप में कार्य करने का मौका मिला।

सिद्धारमैया ने आश्वस्त किया कि कांग्रेस के पास विधानसभा में पर्याप्त संख्या बल मौजूद है और दल के सभी विधायक नए नेतृत्व के रूप में डीके शिवकुमार के साथ खड़े हैं। उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल के दौरान सहयोग देने के लिए सभी निर्वाचित सांसदों और विधायकों को धन्यवाद दिया। उल्लेखनीय है कि इस रणनीतिक फैसले से ठीक पहले गुरुवार की सुबह मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर एक अहम बैठक बुलाई गई थी, जिसमें भावी मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और सरकार के कैबिनेट सहयोगी शामिल हुए थे, जहां सिद्धारमैया ने अपने इस्तीफे के फैसले से सबको अवगत कराया।

इस हाई-प्रोफाइल बैठक की आंतरिक परिस्थितियों को बयां करते हुए प्रदेश के आबकारी मंत्री आर.बी. तिम्मापुर भावुक हो उठे। सिद्धारमैया के करीबी सिपहसालार माने जाने वाले तिम्मापुर ने बताया कि जैसे ही मुख्यमंत्री ने पद छोड़ने की घोषणा की, मंत्रिमंडल के कई सदस्य अपने आंसू नहीं संभाल सके और रोने लगे। सहयोगियों को इस कदर भावुक देखकर मुख्यमंत्री भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। इससे पहले, सुबह जब डीके शिवकुमार बैठक के लिए मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे, तो उन्होंने सिद्धारमैया के चरण स्पर्श कर उनका अभिवादन किया, जिसके बाद दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को गले लगाया। सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीरें तेजी से प्रसारित हो रही हैं।

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