भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में बड़ा निवेश: इंटेल और 3डी ग्लास सॉल्यूशंस के साथ मिलकर ओडिशा में खुलेगा नया विनिर्माण केंद्र

ओडिशा सरकार ने देश में उच्च-तकनीकी उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिग्गज वैश्विक कंपनियों इंटेल कॉर्पोरेशन और 3डी ग्लास सॉल्यूशंस इंक के साथ मिलकर राज्य में एक एडवांस्ड पैकेजिंग ग्लास कोर सबस्ट्रेट विनिर्माण संयंत्र लगाने का निर्णय लिया है। इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए पक्षों के बीच आधिकारिक तौर पर सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जो देश के तकनीकी परिदृश्य में एक बड़ा मील का पत्थर है।

भुवनेश्वर-खुरदा क्षेत्र में आकार लेने वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के हस्ताक्षर समारोह में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी और लिप-बू टैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस संयंत्र को भारतीय सेमीकंडक्टर क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा विनिर्माण ढांचा माना जा रहा है।

साझेदारी की घोषणा करते हुए केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना-प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साझा किया कि इस संयंत्र के निर्माण में तकरीबन $3.3$ अरब डॉलर का पूंजीगत निवेश होने की उम्मीद है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि यह नई परियोजना केंद्र सरकार के उस संकल्प को पूरा करने में मददगार साबित होगी, जिसके तहत देश के भीतर ही सेमीकंडक्टर उत्पादन का संपूर्ण ढांचा तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।

केंद्रीय मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की मजबूत होती स्थिति की सराहना करते हुए कहा कि टोक्यो इलेक्ट्रॉन लिमिटेड, लैम रिसर्च, मर्क इलेक्ट्रॉनिक्स और एप्लाइड मैटेरियल्स जैसी बड़ी वैश्विक कंपनियों का भारत का रुख करना एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और एएसएमएल के बीच हुए गठजोड़ का उदाहरण देते हुए कहा कि यह सब सरकारी प्रयासों और भारत की क्षमताओं पर दुनिया के बढ़ते भरोसे का नतीजा है।

इस परियोजना के संचालन के संबंध में विस्तार से बताते हुए श्री वैष्णव ने कहा कि इस विनिर्माण केंद्र को चरणबद्ध तरीके से अगले पांच से छह साल के भीतर पूरी तरह क्रियान्वित कर दिया जाएगा। इस अवधि के दौरान जहां एक ओर 1,800 से अधिक उच्च-कुशल पदों पर सीधी नियुक्तियां होंगी, वहीं दूसरी तरफ बुनियादी विनिर्माण और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े सहायक उद्योगों में हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

तकनीकी विशिष्टताओं के मोर्चे पर, यह संयंत्र हाई-डेंसिटी इंटरकनेक्ट सबस्ट्रेट्स और एडवांस्ड पैकेजिंग ग्लास कोर सबस्ट्रेट्स जैसी अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर विनिर्माण प्रणालियों पर ध्यान केंद्रित करेगा। इस परियोजना में इंटेल द्वारा साझा की जाने वाली तकनीकी विशेषज्ञता और प्रक्रिया संबंधी दक्षता भारत में स्थानीय कौशल विकास, इकोसिस्टम के विस्तार और निर्यात के मोर्चे पर देश को नए अवसर प्रदान करेगी।

केंद्रीय मंत्री के अनुसार, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत उठाया गया यह कदम देश की आंतरिक विनिर्माण क्षमता, स्वदेशी डिजाइन प्रणालियों और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को विकसित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस नई शुरुआत से ओडिशा को आने वाले समय में डिजिटल अवसंरचना और वैश्विक सेमीकंडक्टर निर्माण के नक्शे पर एक अग्रणी केंद्र के रूप में पहचान मिलेगी।

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